Home Breaking News UP Politics: मायावती से उनका जाटव वोट खींचने की कांग्रेस की यह कोशिश कितनी होगी कामयाब? यह है पार्टी की तैयारी

UP Politics: मायावती से उनका जाटव वोट खींचने की कांग्रेस की यह कोशिश कितनी होगी कामयाब? यह है पार्टी की तैयारी

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UP Politics: मायावती से उनका जाटव वोट खींचने की कांग्रेस की यह कोशिश कितनी होगी कामयाब? यह है पार्टी की तैयारी

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UP Politics: will Congress attempt to attract Jatav votes from Mayawati be successful through this campaign?

UP Politics: गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय
– फोटो : Amar Ujala

विस्तार


उत्तर प्रदेश का दलित समुदाय अब तक पूरी मजबूती के साथ मायावती के साथ डटकर खड़ा रहा है। बसपा की खराब स्थिति में भी पार्टी ने 19-20 फीसदी के करीब वोट हासिल किया। माना यही गया कि दूसरे वर्गों के बसपा से दूर होने के बाद भी दलित समुदाय पूरी तरह उनके साथ खड़ा रहा। इसमें भी जाटव समुदाय पूरी तरह मायावती के साथ नजर आया। जब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं के सहारे गैर जाटव दलित समुदाय में अपनी पैठ बनाई, तब गैर दलितों का एक बड़ा हिस्सा भाजपा के साथ चला गया। लेकिन इसके बाद भी जाटव समाज बसपा और मायावती को ही अपना नेता मानता रहा और उनके साथ बना रहा।

लेकिन अपनी जड़ों को दोबारा सहेजने की कोशिश में कांग्रेस अब इस वोट बैंक को भी मायावती से छीनने की योजना बना रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछले एक महीने से दलित गौरव सम्मान अभियान चलाकर दलित समुदाय के बीच लगातार पहुंच रही है। दलित समुदाय के पूर्व कांग्रेसी नेताओं के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उस समुदाय के लोगों के साथ सहभोज तक आयोजित कर रही है। पार्टी की योजना है कि अपने इस परंपरागत वोट बैंक को साथ लाकर वह प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करे, जिससे अगले लोकसभा चुनाव में उसकी संभावनाएं मजबूत हो सकें।

क्या है योजना

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय गत मंगलवार को अपने पूर्व दलित नेता महावीर प्रसाद की पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव गोरखपुर के उज्जरपार पहुंचे। दलित जाटव समाज से आने वाले पूर्व दिग्गज कांग्रेस नेता महावीर प्रसाद राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के राज्यपाल सहित कई बड़े पदों पर रह चुके थे। वे उस समय कांग्रेस के महासचिव रहे जब पार्टी अखिल भारतीय स्तर पर केवल चार महासचिव बनाती थी। आज भी पूरे दलित समुदाय के साथ-साथ जाटव समाज में उनकी बहुत प्रतिष्ठा है। अजय राय ने पूर्व कांग्रेसी नेता को श्रद्धांजलि देने के अवसर पर कहा कि वे उन्हें (दलितों को) अपने साथ जोड़ने आए हैं। दलितों ने इस बीच कई दलों को देख लिया, लेकिन कोई भी उन्हें वह सम्मान और प्रतिष्ठा नहीं दे सका, जो कांग्रेस उन्हें देती आई है।






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