Home Breaking News Exclusive: नगर कीर्तन के बहाने पन्नू ने अमेरिका में रची बड़ी साजिश, कैलिफोर्निया के इन दो शहरों को बनाया अड्डा

Exclusive: नगर कीर्तन के बहाने पन्नू ने अमेरिका में रची बड़ी साजिश, कैलिफोर्निया के इन दो शहरों को बनाया अड्डा

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Exclusive: नगर कीर्तन के बहाने पन्नू ने अमेरिका में रची बड़ी साजिश, कैलिफोर्निया के इन दो शहरों को बनाया अड्डा

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Exclusive: Gurpatwant singh Pannun hatched a big conspiracy against india in US On pretext of Nagar Kirtan

Khalistan: Gurpatwant singh pannun
– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार


खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू अब अमेरिका से भारत के खिलाफ खुलकर वही साजिश करने जा रहा है, जो कनाडा की जमीन से करता आया है। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक पन्नू का आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस 26 जनवरी को अमेरिका के कैलिफोर्निया में नगर कीर्तन की शुरुआत करके खालिस्तान के लिए जनमत संग्रह करने जा रहा है। इसके लिए बाकायदा 20 अगस्त से लेकर 17 अक्तूबर के दौरान कई विशेष बैठकें आयोजित की गई हैं। यही नहीं बाकायदा सिख फॉर जस्टिस के आतंकियों ने अमेरिका के अलग-अलग शहरों में रहकर इस प्रोपेगेंडा को फैलाने के लिए सोशल मीडिया की टीम का बड़ा सहारा लिया है। विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि कनाडा की तरह ही अमेरिका की जमीन पर भारत के खिलाफ रची जा रही साजिश में अब अमेरिकी प्रशासन पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिका की जमीन से भारत के खिलाफ खालिस्तान के नाम पर बड़ी साजिश रच रहा है। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पन्नू ने जिस तरीके से कनाडा में सिख समुदाय के चुनिंदा लोगों को भारत के खिलाफ भड़काकर खालिस्तान की मांग के लिए जनमत संग्रह कराया है, अब ठीक उसी पैटर्न पर अमेरिका में वह साजिश रच रहा है। हालांकि अभी तक पन्नू का यह कथित जनमत संग्रह फ्लॉप ही रहा है। सिख फॉर जस्टिस के खालिस्तानी चरमपंथियों और आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नू की ओर से 26 जनवरी और 28 जनवरी को अमेरिका में खालिस्तान के नाम पर जनमत संग्रह कराने की तारीख और इलाके घोषित किए हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के आधार पर 26 जनवरी से कैलिफोर्निया में जनमत संग्रह कराने की तिथि निर्धारित की गई है।

एजेंसियों को मिली जानकारी के आधार पर पता चला है कि आतंकी पन्नू ने जनमत संग्रह करने से पहले कैलिफोर्निया के कुछ शहरों में नगर कीर्तन निकालने का कार्यक्रम रखा है। सूत्रों के मुताबिक कैलिफोर्निया के सैनफ्रांसिस्को और यूबा सिटी में पन्नू 26 और 28 जनवरी को जनमत संग्रह करने की पूरी तैयारी कर चुका है। 26 जनवरी को कैलिफोर्निया की राजधानी सेक्रोमैंटो समेत सैन फ्रांसिस्को उसके बाद 28 जनवरी को कैलिफोर्निया के यूबासिटी के गुरुद्वारे में नगर कीर्तन के बाद जनमत संग्रह करने के लिए सिख संगत को बुलाने का अभियान चलाना शुरू कर दिया है। इसके लिए बाकायदा अमेरिका के अलग-अलग शहरों से लोगों को कैलिफोर्निया में जुटने के लिए भी कहा गया है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी पन्नू ने अमेरिका से कनाडा की तर्ज पर जनमत संग्रह कराने के लिए बड़े अभियान की शुरुआत और शहरों का चयन अगस्त महीने से ही शुरू कर दिया था।

सूत्रों के मुताबिक अमेरिका में भारत के खिलाफ अभियान चलाने के लिए आतंकी पन्नू समेत उसके संगठन से जुड़े कई चरमपंथियों ने सबसे पहले 20 अगस्त को एक अहम बैठक की। इस बैठक में तय किया गया कि किस तरीके से भारत के खिलाफ 26 जनवरी 2024 से बड़ा अभियान शुरू किया जाना है। सूत्रों के मुताबिक इसी बैठक में पन्नू ने सिख फॉर जस्टिस के तीन अन्य आतंकियों को इस अभियान की कमान देकर सोशल मीडिया पर माहौल बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि 20 अगस्त से लेकर 17 अक्तूबर तक आतंकी पन्नू की शह पर 402 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए जाते हैं। इन अकाउंट के माध्यम से अमेरिका में खालिस्तान की मांग को लेकर किए जाने वाले जनमत संग्रह का प्रोपेगेंडा फैलाया जाता है। खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी के मुताबिक इन सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की छानबीन करने पर पता चलता है कि यह सभी अकाउंट महज कुछ दिनों के भीतर भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए तैयार किए गए और अमेरिका में जनमत संग्रह के लिए माहौल बना रहे थे।

अमेरिका में आतंकी पन्नू की ओर से भारत को लगातार दी जा रही धमकियों को लेकर विदेशी मामलों के जानकार अमेरिकी प्रशासन के खिलाफ भी तमाम तरह के सवालिया निशान उठाते हैं। विदेशी मामलों की जानकार प्रोफेसर एसएन कुरील कहते हैं कि एक आतंकी अमेरिका में बैठकर भारत को लगातार धमकियां दे रहा है। क्रिकेट के विश्व कप के दौरान उसने एयर इंडिया की फ्लाइट को उड़ाने की खुलेआम धमकी दी। प्रोफेसर कुरील अमेरिकी प्रशासन पर सवालिया निशान लगाते हुए कहते हैं कि फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर कोई भी देश इस तरीके की आतंकी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्ति को कैसे शेल्टर दे सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरीके से किसी देश को खुलेआम धमकी देने के लिए उसे अमेरिकी कानून के मुताबिक ही जेल के भीतर डाल दिया जाना चाहिए। और उसके बाद भारत की ओर से मांग किए जाने पर ऐसे आतंकी को भारत को सौंप दिया जाना चाहिए। प्रोफेसर कुरील कहते हैं कि सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि कनाडा में भी जिस तरीके से आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस को खाद-पानी दिया जा रहा है, वह पश्चिमी देशों की भारत के खिलाफ एक बड़ी साजिश है।

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