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Malaysian Elephnat Story: कहा जाता है कि कोई इंसान अपने बच्चे को संकट से बचाने के लिए किसी भी हद तक गुजर सकता है. लेकिन क्या बेजुबां भी ऐसा करते हैं. आप एक पल के लिए मान भी सकते हैं कि आखिर जानवरों में संवेदना कहां होती है. लेकिन जिस घटना का हम जिक्र करेंगे वो आप की सोच को गलत साबित कर देगा. मलेशिया में हाथियों के झुंड ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कार को रौंद डाला. इससे पता चलता है कि जानवर भी अपने बच्चों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं.
हाथियों के झुंड ने किया हमला
तीन लोग एक कार में सवार हो कहीं जा रहे थे. मलेशिया के गेरिक में हाथी का एक बच्चा कार से जा टकराया. कार सवार बताते हैं कि बारिश और धुंध की वजह से कुछ साफ नहीं दिखाई दे रहा था. वो एक बेंड पर जैसे ही मुड़े हाथी के एक बच्चे से टक्कर हो गई. टक्कर की वजह से जैसे ही बच्चा सड़क पर गिर गया. झुंड में शामिल पांच हाथियों मे कार पर हमला कर दिया. कार के शीशे को तोड़ डाला. यह साफ नहीं हो सका कि जिस समय हाथियों ने कार को निशाना बनाना शुरू किया उस समय कार सवार कार के अंदर थे या बाहर निकल गए थे. हालांकि किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है.
इंसानों की तरह इमोशनल होते हैं हाथी
हाथियों के स्वभाव पर रिसर्च करने वालों का कहना है कि जो मामला सामने आया है वो असामान्य बात नहीं है. इंसानों की तरह हाथी भी भावनात्मक तौर पर अपने बच्चे से जुड़े होते हैं. जब उन्हें लगता है कि उनके बच्चे संकट में हैं तो वो हिफाजत के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं. इंसानों की तरह अपने बच्चे को बचाने की हर संभव कोशिश करते हैं. अगर मादा हाथी की बात करें तो वो अपने बच्चों के साथ ही रहना पसंद करती हैं. अपने बच्चों को लेकर वो इंसानों की तरह फिक्रमंद रहती हैं. उनकी कोशिश होती है कि उनके बच्चों को कोई नुकसान ना पहुंचा सके. जब उन्हें लगता है कि कोई बाहरी ताकत उनके बच्चों के लिए खतरा बन सकते हैं तो वे एकजुट होकर लड़ाई लड़ती हैं.
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