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अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी (फाइल)
– फोटो : ANI
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भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने नगालैंड दौरे पर भारत सरकार की योजना की जमकर सराहना की। उन्होंने विश्व एड्स दिवस कार्यक्रम में कहा, “भारत के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम को एक वैश्विक मॉडल के रूप में सराहा गया है और अमेरिकी सरकार को इन प्रयासों में भागीदारी और समर्थन करने पर गर्व है।” नगालैंड राज्य सरकार के अधिकारियों के अलावा सामुदायिक नेता और नागरिक समाज के नेताओं ने भी विश्व एड्स दिवस पर कार्यक्रम में भाग लिया।
बता दें कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) भारत में 1987 में शुरू हुआ था। 1992 में इस योजना को चरणबद्ध किया गया था। कार्यक्रम का लक्ष्य 2010 बेसलाइन से नए एचआईवी संक्रमण और एड्स से संबंधित मौतों की संख्या को 80 प्रतिशत तक कम करना है। अमेरिकी राजदूत गार्सेटी ने भारत की इस योजना पर कहा कि प्रत्येक विश्व एड्स दिवस पर, अमेरिकी सरकार एचआईवी से पीड़ित लोगों और एचआईवी से प्रभावित लोगों के समर्थन में खड़ी रहती है। सरकार इस मौके पर एचआईवी से मरने वाले लोगों को याद भी करती है।
राजदूत गार्सेटी ने कहा, अमेरिकी सरकार एचआईवी और एड्स के खिलाफ लड़ाई में भारत सरकार और गैर सरकारी संगठनों की भूमिका की भी सराहना करती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल करने वाली संस्थाओं, समुदाय-आधारित संगठनों की तरफ से भी उल्लेखनीय प्रयास हो रहे हैं। इन प्रयासों को भी अमेरिका मान्यता देना चाहता है। बता दें कि विश्व एड्स दिवस हर साल एक दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन का मकसद एड्स महामारी और एचआईवी संक्रमण के बारे में जागरूकता बढ़ाना और एड्स से संबंधित बीमारियों से मरने वालों का सम्मान करना है।
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