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Election results: Chhattisgarh
– फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
विस्तार
धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में फिर से भाजपा काबिज होने जा रही है। हालांकि भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री कौन होगा यह अभी साफ नहीं हैं। अगले कुछ दिनों में इसका निर्णय हो जाएगा। भाजपा के इस जीत के पीछे की वजह पार्टी का साइलेंट कैंपेन बताया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का ये परिणाम इसलिए भी अप्रत्याशित बताया जा रहा हैं, क्योंकि कांग्रेस को यहां पर मजबूत माना जा रहा था और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चुनावी कैंपेन के आगे भाजपा कमजोरी दिख रही थी, लेकिन भाजपा ने चुनावी प्रचार में जबरदस्त तरीके से वापसी की और पांच सालों से बघेल सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
दरअसल, भाजपा के लिए छत्तीसगढ़ का चुनाव किसी भी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। क्योंकि यहां पर बघेल सरकार के खिलाफ कोई भी नाराजगी नहीं दिख रही थी। शुरुआत में भाजपा के पास मुद्दों की भी कमी दिखी। लेकिन चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में भाजपा ने मोदी कार्ड चला। पूरा चुनाव उनके चेहरे को आगे रखकर लड़ा। पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ में आक्रामक कैंपेन की शुरुआत की। चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने करीब 6 चुनावी रैलियां की थीं। पीएम मोदी ने महासमुंद की रैली में कहा था, मैं आपको भाजपा सरकार की शपथ ग्रहण का निमंत्रण देने आया हूं। पीएम मोदी ने दावा किया था, राज्य में भाजपा की सरकार बनना तय है। छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लगने के बाद पीएम मोदी ने पहली रैली कांकेर में की थी। कांकेर बस्तर का इलाका है। बस्तर इलाके में बीजेपी 2018 के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन किया है।
छत्तीसगढ़ के चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा महादेव एप का रहा। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले उठाया। पीएम मोदी ने भी कहा था कि कांग्रेस ने भगवान शिव के नाम महादेव को भी नहीं छोड़ा। इसके बाद पूरी भाजपा इस मुद्दे को उठाने लगी। भाजपा ने पूरा चुनाव कैंपेन महादेव एप पर ही रखा, जिसे लेकर सीएम भूपेश बघेल कई बार असहज भी हुए। हालांकि वह हमेशा कहते रहे कि मेरा कोई लेना-देना नहीं है। बावजूद इसके भाजपा माहौल बनाने में कामयाब रही।
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