Home World Britain Cyber Attack: किसी को पता नहीं चला और रूस ने ब्रिटेन में कर दिया गेम, सुनक सरकार ने लिया ये एक्शन

Britain Cyber Attack: किसी को पता नहीं चला और रूस ने ब्रिटेन में कर दिया गेम, सुनक सरकार ने लिया ये एक्शन

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Britain Cyber Attack: किसी को पता नहीं चला और रूस ने ब्रिटेन में कर दिया गेम, सुनक सरकार ने लिया ये एक्शन

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Russia Cyber Attack: ब्रिटेन ने रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) पर साइबर अटैक कैंपेन चलाने का आरोप लगाया है. ब्रिटेन का कहना है कि इसके तहत राजनेताओं और अन्यों को निशाना  बनाया जा रहा है. सरकार के मुताबिक, एक समूह ने साइबर अटैक के जरिए डेटा चुराया, जिसको उन्होंने बाद में सार्वजनिक कर दिया. इसमें साल 2019 के चुनाव से जुड़ी सामग्री भी थी. 

हालांकि रूस ने बार-बार इन दावों का खंडन किया है. विदेश मंत्री डेविन कैमरून ने कहा, ‘इन समूहों की हरकतें बिल्कुल अस्वीकार्य हैं. उनकी लगातार कोशिशों के बावजूद, वे फेल हो रहे हैं. हम अपने समर्थकों के साथ काम करना जारी रखेंगे ताकि रूस के इन मंसूबों का पर्दाफाश कर उसका चेहरा दुनिया के सामने ला सकें. 

रूस के राजदूत को भेजा गया समन

ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने हाउस ऑफ कॉमन्स को बताया कि रूस के राजदूत को समन भेजा गया है और दो लोगों पर प्रतिबंध लगाया गया था. इनमें से एक एफएसबी में काम करने वाला अफसर है. बुधवार को समन भेजने के बाद रूस के राजदूत वहां मौजूद नहीं थे. लेकिन यूके अधिकारियों ने रूसी दूतावास के डिप्टी मिशन हेड से मुलाकात कर कथित साइबर अटैक को लेकर गहरी चिंता जताई.

दरअसल एक ग्रुप पर राजनेताओं, नौकरशाहों, थिंक टैंक के लिए काम करने वाले लोगों, पत्रकारों और टीचर्स को कई बार निशाना बनाने का आरोप है. ये हैकर्स इन लोगों का प्राइवेट ई-मेल, रिसर्च  हैक करने, फर्जी अकाउंट्स बनाने में शामिल था.

ईमेल हो गए चोरी

निशाना बनाए गए लोगों में एक सांसद भी शामिल थे, जिन्होंने फरवरी में बताया था कि उसके ईमेल चोरी हो गए हैं. फेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफएसबी) केजीबी की उत्तराधिकारी एजेंसी है, जो पूरे शीत युद्ध के दौरान एक्टिव थी. 1990 में रूस के मौजूदा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एफएसबी के डायरेक्टर थे. 

माना जाता है कि यह ग्रुप एफएसबी से जुड़ा है और इसके हिस्से को सेंटर 18 कहा जाता है. माना जाता है कि यह यह ग्रुप ब्रिटेन में राजनेताओं और नौकरशाहों से जुड़ी खुफिया जानकारियां साल 2015 से चुराता आ रहा है. दावा किया जाता है कि ये ग्रुप एक्टिव है. जल्द ही इस ग्रुप के खिलाफ ब्रिटेन एक्शन ले सकता है.      

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