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जौनिता कास्त्रो
– फोटो : सोशल मीडिया
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क्यूबा के पूर्व शासक और धुर वामपंथी नेता फिदेल कास्त्रो की बहन जौनिता कास्त्रो का 90 साल की उम्र में निधन हो गया है। जौनिता बीते कई दशकों से अमेरिका के फ्लोरिडा में रह रहीं थी। जौनिता कास्त्रो की किताब फिदेल एंड राउल, माई ब्रदर्स, द सीक्रेट हिस्ट्री की सह-लेखिका मारिया एंटोनिएटा कॉलिंस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। कोलिंस ने लिखा कि ‘जीवन और मौत के रास्ते पर जौनिता कास्त्रो हम सबसे आगे थीं। शानदार महिला और कमाल की योद्धा, जो क्यूबा से बहुत प्यार करती थीं और उसके लिए लड़ीं।’
भाई के खिलाफ दिया अमेरिका का साथ
जौनिता ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के साथ मिलकर अपने ही भाई फिदेल और राउल कास्त्रो के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। जौनिता ने अपनी किताब में लिखा है कि वह वामपंथी विरोधी थी और साल 1961 में बे ऑफ पिग्स हमले के बाद वह सीआईए के साथ मिल गईं थी। बता दें कि बे ऑफ पिग्स के हमले में सीआईए ने क्यूबा में लोकतंत्र के समर्थकों के साथ मिलकर फिदेल कास्त्रों की सरकार के खिलाफ हमले किए थे लेकिन उनकी कोशिश बेकार रही थी और फिदेल कास्त्रो ने इस हमले को नाकाम कर दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जौनिता पहले अपने भाई फिदेल कास्त्रो की समर्थक थी लेकिन जब फिदेल ने क्यूबा के तानाशाह फुलजेनिको बतिस्ता को सत्ता से बाहर कर खुद सत्ता कब्जाई और वामपंथी सरकार बनाई तो जौनिता, फिदेल के विरोध में उतर आईं। दरअसल जौनिता लोकतंत्र समर्थक थीं और उन्हें तानाशाही शासन पसंद नहीं था। जौनिता की किताब के अनुसार, क्यूबा में तत्कालीन ब्राजीली राजदूत की पत्नी के कहने पर साल 1961 में वह मैक्सिको सिटी में सीआईए एजेंट्स से पहली बार मिली थीं। इसके बाद वह क्यूबा में सीआईए की मदद करती रहीं।
1984 से अमेरिका की नागरिक
साल 1963 में जब जौनिता की मां का निधन हो गया तो वह क्यूबा छोड़कर अमेरिका आ गईं। उसके बाद से ही वह अमेरिका के मियामी में रह रहीं थी। साल 1984 में जौनिता को अमेरिका की नागरिकता मिली। फिदेल कास्त्रो ने साल 2008 तक क्यूबा पर राज किया। उनके बाद उनके भाई राउल कास्त्रो क्यूबा के शासक बने और फिलहाल वह रिटायर जीवन बिता रहे हैं। साल 2016 में फिदेल कास्त्रो का निधन हुआ और जौनिता अपने भाई के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुईं थी।
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