Home World Cow Dung For Rocket Fuel: अब गाय के गोबर से उड़ेगा रॉकेट, स्पेस तक भी जाएगा; वैज्ञानिकों ने कर ली टेस्टिंग

Cow Dung For Rocket Fuel: अब गाय के गोबर से उड़ेगा रॉकेट, स्पेस तक भी जाएगा; वैज्ञानिकों ने कर ली टेस्टिंग

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Cow Dung For Rocket Fuel: अब गाय के गोबर से उड़ेगा रॉकेट, स्पेस तक भी जाएगा; वैज्ञानिकों ने कर ली टेस्टिंग

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Cow Dung For Rocket Fuel: आने वाले वक्त में संभव है कि गाय के गोबर से रॉकेट उड़ान भरने लगें, जिसकी तैयारी जापान (Japan) कर रहा है. जापान की एक कंपनी इंटरस्टेलार टेक्नॉलजीज ने गाय के गोबर से फ्यूल तैयार किया है. इसकी टेस्टिंग के दौरान, रॉकेट इंजन से आग निकलती दिखी. इस आगे के पीछे बायोमीथेन नाम का फ्यूल है जिसे गाय के गोबर से तैयार किया गया है. कंपनी ने इसकी टेस्टिंग का वीडियो शेयर किया जिसमें प्रोटोटाइप रॉकेट इंजन से इस बायो फ्यूल की टेस्टिंग की गई. जो कामयाब भी साबित हुई. इस दौरान इंजन से 10-15 मीटर दूर तक आग की लपटें निकलती दिखीं.

गोबर से कैसे तैयार हुआ रॉकेट का फ्यूल?

बता दें कि जापान की जिस कंपनी ने बायोमीथेन नाम का ईंधन तैयार किया है, उसकी खास बात ये थी कि इसे लोकल डेयरी फार्मों की गायों के गोबर से बनाया गया है. दावा है कि ये ईंधन स्पेस टेक्नॉलजी की दुनिया में बड़े बदलाव ला सकता है. और ये स्पेस एजेंसियों के लिए बड़ा सहारा बन सकता है.

स्पेस की दुनिया में होगी क्रांति

जापान की इंटरस्टेलार टेक्नोलॉजीज कंपनी ने गाय के गोबर से जो ईंधन तैयार किया है अगर वो रॉकेट लॉन्चिंग में पूरी तरह सफल होता है तो आने वाले दिनों में स्पेस टेक्नॉलजी सेक्टर के लिए ये परिवर्तनकारी साबित होगा. क्योंकि बायोमीथेन फ्यूल को स्थानीय स्तर पर बनाया जा सकता है.

सस्ते में स्पेस तक जाएगा रॉकेट

गौरतलब है कि बायोमीथेन फ्यूल इको फ्रेंडली होने के साथ-साथ सस्ता भी है. बायोगैस में 75 प्रतिशत मीथेन गैस होती है जो बिना धुएं के जलती है ऐसे में इससे कार्बन उत्सर्जन भी नहीं होगा. और अंतरिक्ष मिशन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की बचत से अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा. दावा है कि गाय का गोबर न्यूक्लियर रेडिएशन को भी कम करता है. जलवायु परिवर्तन की समस्या को देखते हुए ये भविष्य में ग्रीन एनर्जी का बड़ा स्रोत बन सकता है.

रॉकेटों को अंतरिक्ष में भेजने के खातिर पर्याप्त पावर पैदा करने के लिए लिक्विड फ्यूल की जरूरत होती है. और हाई प्यूरिटी मीथेन का निर्माण आमतौर पर लिक्विड नेचुरल गैस का इस्तेमाल करके किया जाता है. जापानी की कंपनी बायोगैस से हाई प्यूरिटी मीथेन की तरह फ्यूल बनाने पर काम कर रही है.

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