[ad_1]

8th Pay Commission
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
केंद्र सरकार में अब 8वें वेतन आयोग के गठन पर रार मची है। पिछले दिनों केंद्रीय वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा था, सरकार द्वारा आठवां वेतन आयोग गठित करने की कोई योजना नहीं है। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारी संगठन, सक्रिय हो गए। पहले तो ‘अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा, केंद्र सरकार द्वारा आठवां वेतन आयोग गठित न करने का फैसला, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार के फैसले के खिलाफ आंदोलन होगा। दूसरी तरफ आठ दिसंबर को कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख दिया है। इसमें उन्होंने आग्रह किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में बिना किसी विलंब के आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए।
आयोग के गठन का सही समय है
कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने अपने पत्र में लिखा है, यह आठवें वेतन आयोग के गठन का सही समय है। केंद्र सरकार के कर्मचारी, सरकार की रीढ़ की तरह काम करते हैं। ये कर्मचारी, सरकार की नीतियों को आम जन तक पहुंचाने का काम पूरी तन्मयता से करते हैं। केंद्र सरकार में पिछली बार 2016 में वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की गई थीं। इसके बाद देश में कोविड संक्रमण हुआ। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को भारी इजाफा देखा गया। प्रोडेक्शन इंडस्ट्री, निर्माण और स्वास्थ्य सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली। ब्याज की ऊंची दरें भी सरकारी कर्मियों के लिए मुसीबत का सबब बनीं। महंगाई दर भी औसतन 4 से 7 फीसदी के बीच रही है।
दस साल की अवधि पर वेतन आयोग का गठन
यादव ने अपने पत्र में पांचवें और छठे वेतन आयोग की सिफारिशों का भी जिक्र किया है। दस साल की अवधि पर वेतन आयोग का गठन होना चाहिए। साथ ही डीए/डीआर की दर अगर पचास फीसदी के पार हो जाती है, तो वेतन भत्तों में बदलाव होता है। इससे पहले गठित हुए वेतन आयोगों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में करीब दो वर्ष का समय लिया है। इसके बाद सरकार भी रिपोर्ट को लागू करने में छह माह का समय ले लेती है। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में बिना किसी विलंब के आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने अपने पत्र में छठे वेतन आयोग के पैरा 1.1.4 का हवाला भी दिया है।
[ad_2]
Source link