Home World Israel Hamas war: इन तीन इलाकों के ढहते ही हमास का गेम ओवर, आखिर इजरायल के सामने क्या है परेशानी

Israel Hamas war: इन तीन इलाकों के ढहते ही हमास का गेम ओवर, आखिर इजरायल के सामने क्या है परेशानी

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Israel Hamas war: इन तीन इलाकों के ढहते ही हमास का गेम ओवर, आखिर इजरायल के सामने क्या है परेशानी

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Israel Hamas War Latest News:  सात अक्टूबर को जब फिल्मी अंदाज में आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर हमला किया तो दुनिया दंग थी. सवाल यही था कि क्या इजरायल की खुफिया एजेंसी को अंदाजा नहीं था. हालांकि इजरायली सरकार ने कहा कि उससे सब कुछ पहले से पता था. इन सबके बीच जंग के 71 दिन बीत चुके हैं. इजरायल की सेना अब गाजा में घुसकर हमास के खिलाफ जमीनी जंग लड़ रही है. हमास के तीन मजबूत ठिकानों पर लगातार हमले किये जा रहे हैं. सवाल यह है कि क्या जमीन पर हमास भारी पड़ रहा है. वो कौन से ठिकाने हैं जिस पर हमास की पकड़ मजबूत बनी हुई है.

हमास मुख्यालय के करीब पकड़ मजबूत

इजरायली सेना का कहना है कि उसने गाजा सिटी में हमास के मुख्यालय के आसपास अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है. अब गाजा पट्टी के तीन इलाकों में जबरदस्त लड़ाई जारी है. इसमें से गाजा पट्टी का दक्षिणी इलाका भी है. यह वो इलाका है कि जिसे लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानवीय संकट का भी जिक्र किया है.यूएन का कहना है कि इस इलाके में लड़ाई के तेज होने का मतलब है कि बड़े पैमाने पर निर्दोष लोगों की जान पर संकट उठ खड़ा होगा. इजरायली सेना का इस समय फिलिस्तीन स्क्वॉयर के चारों तरफ नियंत्रण कायम हो चुका है. यह वो जगह है जहां से हमास का मुखिया याहिया सिनवार अपनी गतिविधियों को संचालित करता है. इजरायली सेना का कहना है कि अब उसका ध्यान उत्तरी गाजा के जबालिया और शाहजाइए के साथ साथ दक्षिणी गाजा के खान यूनिस पर है.

अब हमास के इन तीन ठिकानों पर नजर

  • जबालिया(उत्तरी गाजा)

  • शाहजाइए(उत्तरी गाजा)

  • खान यूनिस(दक्षिणी गाजा)

हमास लीडर सिनवार अभी भी पकड़ से बाहर

हमास का लीडर याहिया सिनवार अब भी इजरायली सेना के पकड़ से बाहर है, ऐसा माना जा रहा है कि वो दक्षिण गाजा में ही कहीं छिपा हुआ है. एडमिरल हगारी का कहना है कि सिनवार को जिंदा या मुर्दा पकड़ना ही अब लड़ाई का मुख्य मकसद है. इजरायल नेशनल सेक्यूरिटी काउंसिल के ताही हंगेबी ने इस संभावना से इनकार कर दिया कि अगर सिनवार या दूसरे टॉप लीडर किसी दूसरे देश में जाने की इच्छा जाहिर करें तो उन्हें बख्श दिया जाएगा. दरअसल इस तरह की बात उठने के पहले 1982 का एक प्रसंग है. 1982 में इजरायल और लेबनान के बीच लड़ाई में पीएलओ लीडर यासिर अराफात को एक्साइल में जाने दिया गया था. 

इजरायल के सामने क्या है परेशानी

सवाल यह है कि इजरायली सेना के मुकाबले हमास कहीं नहीं ठहरता है तो इजरायल के सामने मुश्किल क्या है. दरअसल गाजा के जिन तीन इलाकों में जहां अब इजरायली सेना पूरी ताकत के साथ हमास आतंकियों पर हमला कर रही है उनमें से एक है खान यूनिस, इस इलाके में रिहाइश ज्यादा है, दुनिया के अलग अलग देशों को भी चिंता यही है कि इस इलाके में लड़ाई के तेज होने का अर्थ है कि आम लोगों को नुकसान उठाना होगा. ऐसी सूरत में इजरायली सेना के पास हमास के खिलाफ ऑपरेशन चलाने के विकल्प सीमित है.

अब तक इतना हो चुका है नुकसान

इजरायल- हमास जंग को अब तक की सबसे घातक लड़ाई बतायी जा रही है. ताजा जानकारी के मुताबिक अब तक 101 इजरायली सैनिक और 18 हजार से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. 7 अक्टूबर को हमास के हमले में दक्षिण इजरायल में 1200 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत हुई थी. इसके साथ ही हमास ने करीब 137 लोगों को बंधक बना लिया था. हमास का कहना है कि जब तक फिलिस्तीन कैदियों को इजरायल नहीं छोड़ेगा तब तक वो बंधकों को रिहा नहीं करने वाला है. हालांकि इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि हमास को अब सरेंडर करना ही होगा. वो हमास के आतंकियों से कहना चाहेंगे कि अब गेम ओवर हो चुका है. 

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