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सुप्रीम कोर्ट
– फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने एशियन रिसर्फेसिंग मामले पर 2018 के अपने फैसले पर पुनर्विचार की याचिका पर सुनवाई पूरी करते हुए बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस मामले में आदेश दिया गया था कि छह महीने की समय सीमा समाप्त होने पर सभी दीवानी और आपराधिक मामलों में कार्रवाई पर स्टे खुद ब खुद खत्म हो जाएगा, जब तक कि इसे दोबारा से बढ़ाया नहीं जाता है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल एक दिसंबर को अपने 2018 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए संदर्भ पांच न्यायाधीशों की पीठ को भेजा था। इसके बाद, संविधान पीठ ने 2018 के फैसले से पैदा हुए कानूनी मुद्दे से निपटने के लिए अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल से सहायता मांगी थी।
अपने आदेश पर दाखिल पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रखने से पहले सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने इस मुद्दे पर इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अन्य वकीलों के पक्ष सुने। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की इस पीठ में सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ के अलावा, जस्टिस ए एस ओका, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं।
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