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Russia Ukraine Crisis: 24 फरवरी 2022 को जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो दावे किए जा रहे थे कि वह लड़ाई अधिकतम एक हफ्ते तक चलेगी. लेकिन जंग आज की तारीख में जारी है. रूसी आक्रमण को पुतिन जहां जायज ठहराते हैं. वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की एक संप्रभु राष्ट्र पर हमला बताते हैं. दोनों देशों के बीच लड़ाई के 21 महीने गुजर चुके हैं. यहां पर दो तीन सवाल अहम हैं. पहला यह कि ताकतवर रूस जंग को अपने पक्ष में क्यों नहीं मोड़ सका. दूसरा सवाल यूक्रेन किस तरह से इस जंग में बना हुआ है. तीसरा सवाल ये कि अमेरिका क्या चाहता है. इन तीनों सवाल के जवाब एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. इन सबके बीच अमेरिका ने यूक्रेनी मदद पर कहा कि अगर कांग्रेस यूक्रेन को मदद करने वाले प्रस्ताव को नकार देती है तो पुतिन के लिए क्रिसमस गिफ्ट होगा.
तो भी यूक्रेन की करते रहेंगे मदद
जो बाइडेन ने कहा कि अगर यूक्रेन को मिलिट्री मदद देने वाला प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस में खारिज होता है. उस केस में भी वो यूक्रेन का साथ नहीं छोड़ेंगे. अमेरिका नजरिया पूरी तरह साफ है. रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन अपना बचाव कर रहा है. और किसी भी संप्रभु देश को ऐसा करने का अधिकार है. हमारा मानना है कि किसी भी देश की संप्रभुता और अखंडता बनी रहनी चाहिए. अमेरिका अगर यूक्रेन की मदद कर रहा है तो उसके पीछे सिर्फ और सिर्फ यह वजह है कि दुनिया में कोई भी देश किसी दूसरे देश पर कब्जा करने की कोशिश ना करें. बाइडेन ने कहा कि अगर अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन 60 बिलियन डॉलर के मिलिट्री एड को रोकने की कोशिश करेंगे उस हालात में भी वो यूक्रेन के साथ हैं.
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