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Jammu and Kashmir Assembly
– फोटो : social media
विस्तार
लोकसभा और देश की अन्य विधानसभाओं की तरह ही जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी विधानसभा में भी एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। दोनों ही केंद्रशासित प्रदेशों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए मंगलवार को लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन दूसरा संशोधन विधेयक और संघ राज्य क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक पारित किए गए।
इन विधेयकों के कानूनी जामा पहनने के बाद जम्मू कश्मीर की 114 सीटों में से 38 तो पुडुचेरी की 30 में से 10 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। संसद के इसी सत्र में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दो सीटें कश्मीरी विस्थापितों और एक सीट पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लिए आरक्षित की गई हैं। गौरतलब है कि इसी सत्र में इसके लिए जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन संशोधन अधिनियम 2019 में संशोधन किया गया था।
तृणमूल के सौगत ने किया विरोध
लोकसभा में जब गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने विधेयक पेश किया, तो तृणमूल के सौगत राय ने इसका विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार इसे लेकर हड़बड़ी में क्यों है? महिला आरक्षण के प्रावधान से पहले सरकार को विधानसभा चुनाव कराना चाहिए। अनुच्छेद-370 निरस्त करने के बाद से ही केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में कई अहम बदलाव कर रही है। इसी सत्र में विधानसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने, ओबीसी, एससी-एसटी आरक्षण बहाल करने, एसटी में नई जातियों को शामिल करने वाले विधेयकों को मंजूरी मिली है। अब राज्य में दूसरे राज्यों और लोकसभा की तरह एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने संबंधी विधेयक पारित किया गया है।
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