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संसद की सुरक्षा में चूक।
– फोटो : अमर उजाला
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जब देश के नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ था, तब सरकार ने दावा किया था कि संसद की नई इमारत पुरानी की तुलना में अधिक सुरक्षित है। ऐसे में बुधवार को लोकसभा में हुए घटनाक्रम ने सरकार के इस दावे पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा प्रोटोकॉल में कमियों को भी उजागर कर दिया है। हम आपको सात बिंदुओं में बताएंगे कि संसद हमले की बरसी वाले दिन जब सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता रखा जाना चाहिए था तब इसमें कोताही कैसे हुई।
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