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Security breach in Parliament
– फोटो : Social Media
विस्तार
बुधवार को संसद की सुरक्षा में चूक से जुड़े मामले को दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की धारा के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण में दिल्ली पुलिस की खासी किरकिरी हुई है और संसद की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गये है।
Parliament security breach | Delhi police special cell has registered a case under the UAPA section. Investigation underway: Delhi police special cell
— ANI (@ANI) December 14, 2023
क्या हुआ था संसद में
बुधवार दोपहर में दो आरोपी मनोरंजन डी और सागर शर्मा लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूद गए और उन्होंने कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया, जिससे सांसदों में के बीच अफतरातफरी मच गई। सांसदों ने आरोपियों को पकड़ा और उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद उन्हें सदन में मौजूद मार्शल के हवाले किया गया।
दूसरी ओर उनके साथी नीलम और अमोल शिंदे ने संसद भवन के बाहर कलर स्मॉग का इस्तेमाल किया और नारेबाजी की। इसके बाद बाहर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ललित और विशाल शर्मा के रूप में दो अन्य आरोपी भी इस साजिश में शामिल थे। विशाल को हरियाणा के गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया, जबकि ललित फिलहाल फरार है।
पुलिस बोली- संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी
पुलिस ने बताया कि 25 वर्षीय शिंदे महाराष्ट्र के लातूर जिले में स्थित अपने गांव से यह कहकर निकला था कि वह सेना भर्ती अभियान में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जा रहा है। शिंदे ने हरियाणा की नीलम के साथ संसद के बाहर ‘तानाशाही नहीं चलेगी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय भीम, जय भारत’ के नारे लगाए।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि संसद की सुरक्षा में सेंध एक सुनियोजित घटना थी, जिसे छह लोगों ने अंजाम दिया, ये सभी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने कुछ दिन पहले योजना बनाई और बुधवार को संसद आने से पहले उन्होंने रेकी की। उन्होंने कहा, ‘उनमें से पांच संसद में आने से पहले गुरुग्राम में विशाल के आवास पर रुके थे। योजना के अनुसार, सभी छह लोग संसद के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन केवल दो को पास मिले।
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