Home World फोन हैकिंग केस में ब्रिटेन के प्रिंस हैरी ने जीता मुकदमा, लंदन हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

फोन हैकिंग केस में ब्रिटेन के प्रिंस हैरी ने जीता मुकदमा, लंदन हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

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फोन हैकिंग केस में ब्रिटेन के प्रिंस हैरी ने जीता मुकदमा, लंदन हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

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Phone Hacking Case London: ब्रिटेन के प्रिंस हैरी ने ‘डेली मिरर’ के प्रकाशक के खिलाफ दायर फोन हैकिंग का मुकदमा जीत लिया है. अदालत ने समाचार पत्र को उन्हें क्षतिपूर्ति के रूप में 1,40,600 ब्रिटिश पाउंड देने का आदेश दिया है. अदालत के फैसले के बाद हैरी ने कहा कि यह “सच्चाई और जवाबदेही के लिए बड़ा दिन है.” ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय के छोटे बेटे हैरी और उनकी पत्नी अमेरिकी अभिनेत्री मेगन मर्केल अमेरिका में रहते हैं. हैरी अपने निजी जीवन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे हैं. 

कुल 33 आर्टिकल पेश किए गए

दरअसल, हैरी (39) ने मुकदमे में मिरर ग्रुप न्यूजपेपर्स (एमजीएन) के तीन समाचार पत्रों ‘मिरर’, ‘संडे मिरर’ और ‘पीपल’ को नामजद किया था. हाईकोर्ट के न्यायाधीश टिमोथी फैनकोर्ट ने पाया कि मिरर समूह के समाचार पत्रों के लिए वर्षों से फोन हैकिंग की जा रही थी. उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों के कार्यकारी अधिकारी इस सबसे अवगत थे और उन्होंने इसपर पर्दा डाल रखा था. फैनकोर्ट ने पाया कि मुकदमे के दौरान अखबारों के जिन 33 लेखों का उल्लेख किया गया, उनमें से 15 लेख गलत तरीकों से संकलित सूचना पर आधारित थे.

अदालत ने फैसला सुनाया है
हैरी ने मुकदमे में क्षतिपूर्ति के तौर पर 4,40,000 पाउंड (5,60,000 डॉलर) की मांग की थी. हैरी के वकील ने अदालत के बाहर उनका बयान पढ़ा जिसमें कहा गया है, “आज सच्चाई के साथ-साथ जवाबदेही के लिए भी बहुत अच्छा दिन है. अदालत ने फैसला सुनाया है कि मिरर समूह के तीनों अखबारों में एक दशक से अधिक समय से आदतन और व्यापक आधार पर गैरकानूनी व आपराधिक गतिविधियां की जा रही थीं.” वहीं एमजीएन के प्रवक्ता ने फैसला के बाद एक बयान में कहा, “हम आज के फैसले का स्वागत करते हैं. हम बिना शर्त माफी मांगते हैं, पूरी जिम्मेदारी लेते हुए उचित मुआवजा देने के लिए तैयार हैं.

पूरा मामला क्या था?
हुआ यह था कि प्रिंस हैरी समेत तीन अन्य दावेदारों ने द डेली मिरर, द संडे मिरर और संडे पीपल प्रकाशित करने वाले ब्रिटिश अखबार समूह पर मुकदमा दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया कि प्रकाशक के पत्रकारों ने उनका फोन हैक कर लिया और लगभग 15 साल से अधिक समय से उनके जीवन के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए अन्य अवैध तरीकों का इस्तेमाल किया.

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