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Bilawal Bhutto Zardari News: पाकिस्तान की सियासी पिच पर इमरान खान का विकेट गिरने के बाद फील्डिंग बदली तो अब बिलावल भुट्टो ‘कैप्टन’ बनने के सपने देख रहे हैं. जी हां, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने पीएम कैंडिडेट के तौर पर बिलावल भुट्टो और राष्ट्रपति के लिए उनके पिता आसिफ अली जरदारी के नाम की घोषणा कर दी है. पाकिस्तान में 8 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. PPP की इस घोषणा से पहले पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का नाम PM पद के लिए उछाला था. इस तरह से देखें तो एक साल में पाकिस्तान की सियासी तस्वीर दिलचस्प हो गई है. 2022 में लंदन जाकर बिलावल ने नवाज से गर्मजोशी दिखाई थी, नई सरकार में विदेश मंत्री रहे. अब नवाज के पाक लौटने के बाद बिलावल vs नवाज शरीफ मुकाबले की पटकथा तैयार हो गई है. 68 साल के जरदारी 2008 में भी पाकिस्तान के राष्ट्रपति बने थे. बिलावल (35) की बात करें तो वह अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक पाकिस्तान के विदेश मंत्री रहे हैं. अब सवाल यह है कि अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा, क्या बिलावल की जीत पर सेना साथ आएगी क्योंकि पाकिस्तान का इतिहास रहा है वहां वही होता है जो सेना चाहती है.
नवाज अब ‘बेदाग’ निकल रहे
नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम की रैलियों में उमड़ी भीड़ का जिक्र करते हुए पीपीपी नेता फैसल कुंडी ने बिलावल की लोकप्रियता ज्यादा बताई. स्वदेश आने के बाद नवाज भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी होते जा रहे हैं. पीपीपी ने हमला बोलते हुए कहा कि पॉलिटिकल इंजीनियरिंग के लिए NAB (राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो) का इस्तेमाल हो रहा है. कुंडी ने कहा कि इस पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए कि इसी एजेंसी ने पहले नवाज के खिलाफ केस दर्ज किया था तो अब उन्हें एक के बाद एक मामलों में बरी कैसे किया जा रहा है? जनता को पता होना चाहिए कि एनएबी तब गलत थी या आज गलत है.
बिलावल की ललकार
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत को नवाज शरीफ का गढ़ कहा जाता है. बिलावल ने ललकारा है कि इस बार लाहौर से पीएम नहीं होगा. बिलावल ने एक चुनावी रैली में इमरान खान और नवाज शरीफ दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई इलेक्शन लड़ रहा है जिससे वह जेल से निकल जाए और जो दूसरा इलेक्शन लड़ रहा है वो इसलिए कि वह जेल से बच जाए. कोई खिलाड़ी हमारा मुकाबला नहीं कर सकता है.
राजनीति में कोई हमेशा के लिए दोस्त या दुश्मन नहीं होता है. पाकिस्तान की मौजूदा सियासी तस्वीर भी यही कहती है. इमरान खान जेल में हैं, नवाज देश में आ गए हैं और फिर से पीएम बनने के सपने देख रहे हैं. वह चाहते थे कि चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन बनाया जाए और तब चुनाव में उतरें लेकिन पीपीपी उन्हें कड़ी चुनौती दे रही है. नवाज की पार्टी ने बलूचिस्तान अवामी पार्टी (BAP) से हाथ मिलाया है जो कभी पीपीपी के साथ एलायंस में थी.
कुछ समय पहले तक शाहबाज शरीफ की सरकार में बिलावल मंत्री हुआ करते थे लेकिन अब रिश्ते बदल गए हैं. बिलावल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि पीपीपी के साथ भेदभाव किया गया. अंदरखाने से पता चल रहा है कि नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन देश की ताकतवर सेना की इस समय पहली पसंद है. उधर, इमरान खान को सत्ता से हटाने के लिए पीपीपी अविश्वास प्रस्ताव लाई थी. बहरहाल, पाकिस्तान में मुकाबला त्रिकोणीय बताया जा रहा है. अब होगा वही जो सेना को पसंद होगा.
पाकिस्तान के ‘युवराज’
- पीएम मोदी के खिलाफ कई बार जहर उगलने वाले बिलावल भुट्टो जरदारी को उनके राजनीतिक विरोधी ‘युवराज’ कहकर टारगेट करते हैं.
- वह पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और बेनजीर भुट्टो के बेटे हैं.
- उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है.
- बिलावल 2018 में पहली बार नेशनल असेंबली के लिए चुने गए. बाद में वह विदेश मंत्री बने.
- 1988 में कराची में जन्मे बिलावल 17 साल की उम्र में पीपीपी के चेयरमैन बन गए थे.
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