Home Breaking News US: जांच में गलती हुई तो भारत-अमेरिका संंबंधों पर आ सकती है आंच, पन्नू मामले में भारतवंशी सांसदों की टिप्पणी

US: जांच में गलती हुई तो भारत-अमेरिका संंबंधों पर आ सकती है आंच, पन्नू मामले में भारतवंशी सांसदों की टिप्पणी

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US: जांच में गलती हुई तो भारत-अमेरिका संंबंधों पर आ सकती है आंच, पन्नू मामले में भारतवंशी सांसदों की टिप्पणी

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US briefs 5 Indian-American lawmakers on case against nikhil Gupta in Pannun plot

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत पन्नूं।
– फोटो : Social Media

विस्तार


अगर भारतीय जांच अधिकारी पन्नू मामले की ठीक से जांच नहीं करते हैं तो इससे भारत-अमेरिका के रिश्तों पर असर पड़ सकता है। यह कहना है कि भारतीय मूल के अमेरिकी सांसदों का। बता दें, खालिस्तानी आतंकी पन्नू के हत्या की साजिश रचने का मामला अमेरिका में तूल पकड़ता जा रहा है। इस बीच बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने भारतीय मूल के पांच अमेरिकी सांसदों को निखिल गुप्ता पर लगे आरोपों की जानकारी दी। इसके बाद पांचों सासंदों ने एक संयुक्त बयान जारी किया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सदस्यों अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और श्री थानेदार ने संयुक्त बयान में कहा कि कांग्रेस सदस्यों के रूप में हमारे लिए अपने लोगों और व्यवस्थाओं की भलाई सबसे महत्वपूर्ण है। अभियोग में लगाए गए आरोप चिंताजनक है। हम मामले की जांच के लिए भारत सरकार की घोषणा का स्वागत करते हैं। भारत पूरी जांच करे। आरोपियों का पता लगना आवश्यक है। हमारा मानना है कि अमेरिका-भारत साझेदारी से दोनों देशों के लोगों पर सकारात्मक असर पड़ा है। जांच अगर ठीक नहीं हुई तो साझेदारी को नुकसान हो सकता है।

पहले जानिए, कौन है निखिल गुप्ता और क्या लगे हैं आरोप

अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार, 52 वर्षीय निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं। 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक में गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब चेक रिपब्लिक से निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पण किया जाएगा। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि भारत के एक सरकारी अधिकारी, जिसके नाम का खुलासा नहीं हुआ है, वह निखिल  गुप्ता और अन्य उस सरकारी अधिकारी के संपर्क में था। ये लोग अमेरिका में एक राजनीतिक कार्यकर्ता, जो भारतीय मूल का है और अमेरिकी नागरिक है, उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे। 

पहले भी अमेरिका साफ कर चुका है मामला

हाल ही में, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय उत्पीड़न को सहन नहीं करता, यह बात सिर्फ भारत के लिए नहीं है, बल्कि पूरे विश्व के लिए है। हम विरोध करते हैं फिर चाहे वह कोई भी देश हो। यह एक बड़ा मुद्दा है और हम मंचों से ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करते। हमें जैसे ही मामले की जानकारी मिली वैसे ही हमारे वरिष्ठ अधिकारियों ने भारतीय वरिष्ठों के साथ बैठक की। हमने स्पष्ट कर दिया कि हम ऐसे किसी मामले को बेहद गंभीरता से लेते हैं। भारत मामले की जांच कर रहा है। हम जांच के नतीजे देखने के लिए उत्सुक हैं।

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