[ad_1]

Suspended MPs
– फोटो : ANI
विस्तार
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 13 दिसंबर को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान सुरक्षा में चूक की गंभीर घटना घटी थी। इस घटना के बाद से ही विपक्षी सांसद केंद्र सरकार के खिलाफ लामबंद हो गए। विपक्ष सरकार से संसद की सुरक्षा में सेंध मामले पर चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहा है। इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया।
लोकसभा और राज्यसभा में भारी नारेबाजी और नियमों में उल्लंघन के बाद ‘कार्यवाही में व्यवधान’ डालने के आरोप में कई विपक्षी सांसदों को शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया। वर्तमान में चल रहे शीतकालीन सत्र में अब तक 92 विपक्षी सांसदों को निलंबित किया जा चुका है। पिछले हफ्ते गुरुवार को लोकसभा के 13 सांसद और राज्यसभा से एक सांसद को निलंबित किया गया था। वहीं, सोमवार को लोकसभा से 33 और राज्यसभा से 45 सासंदों को निलंबित किया गया। यह किसी भी सत्र में निलंबित सांसदों की सबसे बड़ी संख्या है।
1989 में 63 सांसद हुए थे निलंबित
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सांसदों ने निलंबन का पहला मामला 1963 में आया। जब राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कुछ सांसदों ने हंगामा किया और सदन से वॉकआउट कर गए। बाद में इन सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद 1966 में राज्यसभा से दो सांसदों को दिनभर की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया था। सांसदों की सबसे बड़ी संख्या में निलंबन की कार्रवाई राजीव गांधी सरकार के वक्त 1989 में हुई थी। जब एक साथ 63 सांसदों को तीन दिन के लिए निलंबित किया गया था। उस वक्त इंदिरा गांधी की हत्या को लेकर बने ठक्कर कमीशन की रिपोर्ट पर हंगामा हो रहा था।
[ad_2]
Source link