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संसद की सुरक्षा में चूक
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में गिरफ्तार किए गए छह लोग भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के नाम पर बने आधा दर्जन व्हाट्सएप ग्रुपों का हिस्सा थे। जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आरोपी और इन समूहों के अन्य सदस्य नियमित रूप से स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों पर चर्चा करते थे और संबंधित वीडियो क्लिप भी साझा करते थे।
आरोपियों के सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम और फेसबुक पोस्ट से पता चला कि वे क्रांतिकारी नेताओं से बहुत प्रेरित थे और इसलिए, उन्होंने संसद में भगत सिंह के कृत्य को दोहराने का फैसला किया। पुलिस ने मेटा से इन व्हाट्सएप ग्रुपों के सभी सदस्यों के साथ-साथ उनकी चैट का विवरण भी मांगा।
आरोपी सुरक्षा उल्लंघन की योजना बनाने के लिए सिग्नल ऐप पर भी बात करते थे और पिछले साल कर्नाटक के मैसूर में मिले थे। एक अधिकारी ने कहा कि मैसूरु के रहने वाले मनोरंजन डी ने पांचों का यात्रा खर्च वहन किया था। पुलिस उन चार आरोपियों के डुप्लिकेट सिम कार्ड प्राप्त करने की कोशिश कर रही है जिनके मोबाइल फोन राजस्थान में झा और कुमावत द्वारा कथित तौर पर नष्ट और जला दिए गए थे।
क्या है पूरा मामला
लोकसभा में 13 दिसंबर को उस वक्त हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला था, जब दो युवक दर्शक दीर्घा से डेस्क पर कूदे और कलर स्मॉग निकालने लगे। इस दौरान पूरे हॉल में धुंआ हो गया। वहीं, संसद के बाहर दो अन्य लोगों ने कलर स्मॉग छोड़ा वहीं, उनके साथी भी संसद के बाहर इसी तरह का प्रदर्शन कर लगे। आरोपियों ने जांचकर्ताओं को बताया था कि उनका मकसद मणिपुर हिंसा, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करना था। इस मामले में अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके नाम सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम, ललित झा और महेश कुमावत हैं।
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