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1989 में लोकसभा से 63 सांसदों का निलंबन हुआ था; राजीव गांधी के बाद वीपी सिंह प्रधानमंत्री बने
– फोटो : amar ujala graphics
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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों के निलंबन का सिलसिला जारी है। मंगलवार को एक बार फिर 49 लोकसभा सांसदों को शेष सत्र से निलंबित कर दिया गया। इस सत्र में अब तक 141 सांसद निलंबित हो चुके हैं। इनमें 95 लोकसभा के और 46 राज्यसभा के सदस्य हैं। भारत के संसदीय इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। बीते सात दशक में इस तरह की सबसे बड़ी कार्रवाई 1989 में हुई थी। हालांकि, उस वक्त भी निलंबित किए गए सांसदों की कुल संख्या मौजूदा संख्या की आधी भी नहीं थी।
1989 में संसद की कार्यवाही के दौरान क्यों बड़ी संख्या में सांसदों को निलंबित किया गया? उस दौर में सरकार के पास कितना संख्या बल था? विपक्ष के किन सांसदों को निलंबन का सामना करना पड़ा था? विपक्षी सांसदों पर हुई कार्रवाई के बाद विपक्ष ने क्या कदम उठाया था? सांसदों पर हुई कार्रवाई के बाद हुए लोकसभा चुनावों में नतीजे कैसे रहे थे? आइए जानते हैं…
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