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राजस्थान की डिप्टी सीएम दीया कुमार सत्र में शामिल होने के लिए सदन पहुंची। सदन में प्रवेश करने से पहले उन्होंन सीढ़ियों पर शीश नवाया।

लोकसभा में हुए हमले के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत कांग्रेस के सभी विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे थे।

डूंगरपुर की आसपुर सीट से चुनाव जीतकर विधायक बने भारत आदिवासी पार्टी (बाप) के उमेश मीणा डामोर ने आदिवासी वेशभूषा में शपथ ली।

बीकानेर पश्चिम सीट से भाजपा विधायक जेठानंद व्यास बाइक पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे। व्यास ने कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे बीडी कल्ला को 20 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। बता दें कि जेठानंद व्यास ने चुनाव प्रचार भी बाइक से ही किया था।

सदन में चाचा का भतीजे को शपथ दिलाना भी चर्चा का कारण बना। महवा सीट से चुनाव जीतकर राजेंद्र मीणा पहली बार विधानसभा पहुंचे हैं। बुधवार को जब राजेंद्र के शपथ लेने की बारी आई तो उस दौरान सभापति की कुर्सी पर डॉ. किरोड़ीलाल मीणा बैठे थे। किरोड़ीलाल रिश्ते में राजेंद्र के चाचा लगते हैं।

भरतपुर की बयाना सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर विधायक बनी रितु बनावत ट्रैक्टर से सदन पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ कई समर्थक भी ट्रैक्टर पर सवार थे।

जयपुर की हवामहल सीट से भाजपा के चर्चित विधायक बालमुकंद आचार्य हाथ में गदा और नारियल लेकर सदन पहुंचे। उन्होंने कहा कि नारियल लक्ष्मी, गदा शौर्य और कार्य का प्रतीक है।

भारत आदिवासी पार्टी से धरियावद सीट से विधायक थावरचंद मीणा ने शपथ की तय लाइन में फेरबदल कर दिया। उन्होंने ईश्वर की जगह कुदरत की शपथ शब्द इस्तेमाल किया तो प्रोटेम स्पीकर ने विधायकों से तय फॉर्मेट में शपथ लेने की बात कही। दो मुस्लिम विधायकों ने संस्कृत में ली शपथ, एक क्लिक पर पढ़ें खबर…
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