Home Breaking News इस्लामाबाद हाईकोर्ट: इमरान की याचिका खारिज; तोशाखाना मामले में निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की थी मांग

इस्लामाबाद हाईकोर्ट: इमरान की याचिका खारिज; तोशाखाना मामले में निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की थी मांग

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इस्लामाबाद हाईकोर्ट: इमरान की याचिका खारिज; तोशाखाना मामले में निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की थी मांग

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Islamabad High Court dismisses Imran Khan plea seeking suspension of trial court verdict in Toshakhana case

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को तोशाखाना मामले में एक और करारा झटका लगा है। इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत के फैसले को निलंबित करने की मांग करने वाली इमरान खान की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। 

क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान को 5 अगस्त को पाकिस्तान के चुनाव आयोग द्वारा दायर तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद की ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। निचली अदालत के इस फैसले के कारण चुनाव आयोग (ईसीपी) ने पीटीआई पार्टी के प्रमुख को पांच साल के लिए अयोग्य ठहराया था। 

इसके बाद, इमरान खान ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित पांच अगस्त के फैसले को निलंबित करने की मांग को लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था। बाद में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 28 अगस्त को तोशाखाना मामले में उनकी सजा को निलंबित कर दिया था। हालांकि अदालत ने ये भी कहा था कि उनकी दोषसिद्धि और अयोग्यता तब तक बरकरार रहेगी जब तक कि अदालत मुख्य अपील पर फैसला नहीं कर देती। इस मामले में उनकी दोषसिद्धि को अब तक रद्द नहीं किया गया है, जिससे वह किसी भी सार्वजनिक पद के लिए अयोग्य हो गए हैं। फिलहाल वे अदियाला जेल में बंद हैं।  

गुरुवार को तोशाखाना मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को निलंबित करने की उनकी याचिका खारिज कर दी। नौ पेज के फैसले में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमीर फारूक और न्यायमूर्ति तारिक महमौर जहांगीरी ने कहा कि मामले में तत्काल आवेदन विचारणीय नहीं है। इसलिए इसे खारिज कर दिया गया है।

अगला आम चुनाव लड़ना चाहते हैं पीटीआई प्रमुख

इमरान खान 2018 में पंजाब प्रांत के मियांवाली से नेशनल असेंबली के लिए चुने गए थे। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया था कि उनकी अयोग्यता गैरकानूनी है और  इसे रद्द किया जाए ताकि वह आगामी आम चुनाव लड़ सकें। 

 

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