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भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दूसरे वनडे में हार के बाद भारत के लिए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुरुवार को होने वाले तीसरे और अंतिम मैच में करो या मरो की स्थिति बन पड़ी है। 1-1 से बराबर सीरीज पर कब्जा करने के लिए भारत को बोलैंड पार्क पर हर हाल में जीत हासिल करनी होगी। भारत ने द. अफ्रीका के खिलाफ 1991-92 से वनडे सीरीज खेलना शुरू किया है, लेकिन सिर्फ एक बार 2018 में उसे इस देश की धरती पर सीरीज जीतने में सफलता मिली है। भारत के पास दूसरी बार सीरीज कब्जाने का इस बार अच्छा मौका है, लेकिन इसके लिए उसे अपनी ओपनिंग जोड़ी से अच्छी शुरुआत की जरूरत होगी। ऋतुराज गायकवाड़ और बी साई सुदर्शन की जोड़ी अच्छी शुरुआत देने में सफल नहीं रही है। सुदर्शन ने जरूर 55 और 62 रन की पारियां खेली हैं, लेकिन गायकवाड़ का बल्ला नहीं चला है, उन्होंने सिर्फ पांच और चार रन की पारियां खेली हैं।
गायकवाड़ और तिलक की फॉर्म बनी चिंता
जोहानिसबर्ग में इस जोड़ी ने 23 और पोर्ट एलिजाबेथ में सिर्फ 4 रन की साझेदारी की। इसके विपरीत दूसरे वनडे में टोनी डि जॉर्जी ने वनडे में अपना पहला शतक लगाते हुए रीजा हेंड्रिक्स के साथ 130 रन जोड़कर द. अफ्रीका को जीत दिलाई। टीम की समस्या सिर्फ गायकवाड़ ही नहीं बल्कि तिलक वर्मा की फॉर्म भी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी-20 सीरीज के बाद से उनका फॉर्म अच्छा नहीं रहा है। पिछले मैच में केएल राहुल ने रिंकू सिंह को वनडे का पदार्पण कराया। तीसरे वनडे में गायकवाड़ या तिलक के स्थान पर मध्य प्रदेश के रजत पाटीदार को भी लाया जा सकता है।
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