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खबरों के खिलाड़ी।
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विपक्षी गठबंधन की बीते हफ्ते बैठक हुई। बैठक के बाद एक बार फिर चर्चा हो रही है कि क्या यह गठबंधन मूर्त रूप लेगा? बैठक के दौरान नेता के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव आने के पीछे की क्या राजनीति है? गठबंधन की बैठक कितनी सफल या विफल रही? इन सभी मुद्दों पर इस बार खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, अवधेश कुमार और समीर चौगांवकर मौजूद रहे।
यह बैठक कितनी सफल या असफल रही?
विनोद अग्निहोत्री: यह बैठक बस इतनी सफल मानी जाएगी कि विधानसभा चुनाव के दौरान सपा और कांग्रेस के बीच जो तल्खी आई थी, वह कम होती दिखी। इसके अलावा जो सफलता की बात होगी, वो सभी आगे पता चलेगी। राहुल गांधी की पद यात्रा कब से शुरू होती है? क्या इसमें इंडिया गठबंधन के नेता शामिल होते हैं? 2024 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी को चुनौती देने के लिए वे किस तरह आगे बढ़ रहे हैं? अगर इन सवालों का जवाब मिलता है तो इसे सफल माना जाएगा। वर्ना वही ढाक के तीन पात वाली कहावत बनकर रह जाएगी। अब तक गठबंधन के संयोजन का फैसला नहीं हुआ है। समय भी बहुत कम बचा है। हो सकता है कि चुनाव जल्दी हो जाएं। ऐसे में इस गठबंधन के सामने कई चुनौतियां हैं।
जो नरैटिव भाजपा ने सेट किया है, क्या उसका कोई काउंटर नरैटिव इंडिया गठबंधन दे पाएगा, यह बड़ा सवाल है। अगर कोई कारगर ब्लू प्रिंट आप जनता को दे सकते हैं तो जनता आपको समर्थन जरूर देगी। अगर नहीं दे पाएंगे तो आपको समर्थन नहीं मिलेगा। यह इंडिया गठबंधन के सामने बड़ी चुनौती है। सीटों का बंटवारा बड़ी चुनौती है।
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