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PM Modi, Amit Shah
– फोटो : Social Media
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भारतीय जनता पार्टी के नेता अनेक अवसरों पर दावा करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक ऐसे काम किए हैं जो जवाहरलाल नेहरू से लेकर आज तक देश का कोई दूसरा नेता नहीं कर पाया। इसमें वे कश्मीर से अनुच्छेद 370 के विवादित प्रावधानों की समाप्ति, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और तीन तलाक जैसी विवादित सामाजिक प्रथाओं को समाप्त करने के लिए कानून बनाने को मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धियों के तौर पर गिनाते हैं। हालांकि, इन मुद्दों पर कांग्रेस सहित अनेक लोगों के विचार अलग हैं।
लेकिन नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने इस बार स्वयं अपने लिए इतना बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर लिया है जो आज तक कोई नहीं कर पाया। वह लक्ष्य है अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए 51 प्रतिशत वोट हासिल करना। यह काम बिल्कुल भी आसान नहीं है, बल्कि कहें तो यह असंभव सा लक्ष्य है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय थे। उस समय देश में कोई दूसरा मजबूत विपक्ष भी नहीं था। जनता के बीच नेहरू को स्वतंत्रता के नायक के रूप में देखा जाता था।
इसके बाद भी पंडित नेहरू के नेतृत्व में लड़े गए पहले चुनाव में कांग्रेस को केवल 44.99 प्रतिशत वोट ही मिले। कांग्रेस को इस चुनाव में 364 सीटें प्राप्त हुई थीं। तत्कालीन उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने 86 लोकसभा सीटों में से 81 सीटें जीती थीं। दूसरे स्थान पर रही सोशलिस्ट पार्टी को इस चुनाव में केवल 10.59 प्रतिशत वोट और 12 सीटें ही मिली थीं।
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