Home Breaking News Year Ender 2023: सियासी उथल-पुथल भरा रहा ये साल, लाडली बहना लाने वाला ‘राजा’ बदला, कांग्रेस को भारी पड़े बयान

Year Ender 2023: सियासी उथल-पुथल भरा रहा ये साल, लाडली बहना लाने वाला ‘राजा’ बदला, कांग्रेस को भारी पड़े बयान

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Year Ender 2023: सियासी उथल-पुथल भरा रहा ये साल, लाडली बहना लाने वाला ‘राजा’ बदला, कांग्रेस को भारी पड़े बयान

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Year Ender 2023: गुजरते साल 2023 में मध्य प्रदेश में कई अहम घटनाएं घटीं, यही वह साल रहा जब सूबे में लगातार 16 साल मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चुनाव तो जीते, लेकिन बतौर मुख्यमंत्री उनकी जगह किसी और को लाया गया। लाडली बहना जैसी बड़ी योजना भी इसी साल की देन है। 2023 में ही सागर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत रविदास को समर्पित एक मंदिर की आधारशिला रखी थी। 2023 में ही एक बार फिर प्रदेश में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज हुई। तो आइये जानते हैं साल के 10 बड़े सियासी घटनाक्रम के बारे में…




लाडली बहना योजना

इस साल मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के बीच एक स्कीम बहुत चर्चा में रही। वो स्कीम लाडली बहना योजना थी। 28 जनवरी 2023 को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना लागू किये जाने की घोषणा की गई थी। इस स्कीम को भारतीय जनता पार्टी के लिए गेम चेंजर माना जा रहा था। दरअसल, ये स्कीम महिलाओं को फायदा देने के लिए थी, ताकि उन्हें वित्तीय मदद देकर मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। इस योजना के तहत सरकार प्रदेश में हर महिला के खाते में 1000 रुपए सरकार ट्रांसफर करती है, ताकि योजना के जरिए मिलने वाली रकम के जरिए महिलाएं खुद के और अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएं। अब इसकी किस्त बढ़ाकर 1250 रुपये कर दी गई है।


आदिवासियों को बीच पीएम मोदी

1 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहडोल जिले के पकरिया गांव में पहुंचे थे। यहां उन्होंने आदिवासी नेताओं और बच्चों से मुलाकात की। पीएम मोदी के आदिवासियों के बीच में रहने का फोटो भी काफी वायरल हुआ था। पीएम ने आदिवासी समुदाय के लोगों के संग बातचीत की और पंचायत संबंधी मुद्दों पर चर्चा की थी।


सीधी पेशाब कांड

जुलाई 2023 में मध्य प्रदेश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इसमें कथित बीजेपी नेता एक आदिवासी युवक पर पेशाब करता हुआ दिखाई दिया था। ये वीडियो सीधी जिले के कुबरी गांव का बताया गया था। पेशाब करने वाले को बीजेपी के विधायक केदारनाथ शुक्ला का प्रतिनिधि बताया जा गया था। हालांकि, विधायक खुद इससे इनकार करते हुए दिखे थे। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक केदारनाथ शुक्ला को अपना टिकट भी गंवाना पड़ा था, वहीं पीड़ित दशमत रावत को पूर्व सीएम शिवराज सिंह ने भोपाल बुलाकर उनके पैर धोए और भोजन करवाया था।  


सागर में संत रविदास मंदिर की आधारशिला

12 अगस्त का दिन भी मध्य प्रदेश के लिए यादगार रहा। इसी दिन सूबे के सागर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संत रविदास को समर्पित एक मंदिर की आधारशिला रखी थी। इस कार्यक्रम में उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे।


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