Home Breaking News MP Politics: शपथ के दूसरे दिन भी मंत्रियों को नहीं मिले विभाग, कैलाश-प्रह्लाद सहित इनकी मौजदूगी ने बढ़ाई टेंशन

MP Politics: शपथ के दूसरे दिन भी मंत्रियों को नहीं मिले विभाग, कैलाश-प्रह्लाद सहित इनकी मौजदूगी ने बढ़ाई टेंशन

0
MP Politics: शपथ के दूसरे दिन भी मंत्रियों को नहीं मिले विभाग, कैलाश-प्रह्लाद सहित इनकी मौजदूगी ने बढ़ाई टेंशन

[ad_1]

MP Politics Ministers did not get portfolios even on second day of oath taking in Madhya Pradesh

मोहन यादव
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार


मंत्री पद की शपथ लेने के दूसरे दिन भी मंत्रियों को विभाग नहीं मिल पाए हैं। बताया जा रहा है कि कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल, राकेश सिंह और उदयराव प्रताप सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं की कैबिनेट में उपस्तिथि ने विभाग के बंटवारे को पेचीदा बना दिया है, जिसके चलते मंत्रियों को विभाग मिलने में इतनी देरी हो रही है। इनके अलावा कैबिनेट में सिंधिया ख़ेमे से शामिल प्रमुख मंत्रियों के कारण भी विभागों के बंटवारे में इतना समय लग रहा है। ऐसे में मंत्रिमंडल को लेकर एक अनार सौ बीमार जैसी स्तिथि बन गई है। 

इधर, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के साथ शपथ लेने वाले दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा पहले से ही विभाग मिलने की राह देख रहे हैं। शपथ लेने के बाद 14 दिन से अधिक का समय बीत जाने पर भी दोनों डिप्टी सीएम बिना विभाग के हैं। बता दें, मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने 13 दिसंबर को मुख्यमंत्री की शपथ ली है। उनके शपथ लेने के 12 दिन बाद 25 दिसंबर को 28 मंत्रियों को शपथ दिलवाई गई है। इनमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और चार राज्यमंत्री शामिल हैं। 

इन विभागों पर नजर 

गृह विभाग, नगरीय प्रशासन, राजस्व, वित्त, पीडब्ल्यूडी, महिला बाल विकास विभाग, पीएचई, जल संसाधन, कृषि, बिजली, जनसंपर्क और परिवहन जैसे प्रमुख व मलाईदार विभागों पर सब ही की नजर है। कैलाश विजयवर्गीय पहले भी नगरीय प्रशासन विभाग संभाल चुके हैं। सिंधिया खेमे के गोविंद राजपूत राजस्व और परिवहन विभाग देख चुके हैं। प्रधुम्मन सिंह तोमर शिवराज सरकार में बिजली मंत्री रहे हैं। तुलसी के पास भी जल संसाधन विभाग रह चुका है। वहीं, राकेश सिंह, प्रह्लाद पटेल और उदय राव प्रताप सिंह पहली बार के विधायक हैं और पहली बार में ही कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। ऐसे में इन्हें भी अपनी वरिष्ठता के चलते प्रमुख विभाग मिलने की आस है।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here