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विदेश मंत्री एस. जयशंकर
– फोटो : ANI
विस्तार
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। मॉस्को में भारतीय समुदाय के साथ उन्होंने चर्चा की। इस दौरान अपने संबोधन में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि रूस रक्षा, परमाणु ऊर्जा में एक विशेष भागीदार है। आज हमने कुडनकुलम परमाणु इकाईयों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष और परमाणु के क्षेत्रों में उन देशों के साथ सहयोग किया जाता है जिनके साथ आपके भरोसे के संबंध हो।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस ने मंगलवार को तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की बिजली उत्पादन इकाईयों के निर्माण से जुड़े कुछ जरूरी समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र रूस की तकनीकी सहायता से तमिलनाडु में बनाया जा रहा है। साथ ही कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हुए हैं कि भारत और यूरेशियन आर्थिक क्षेत्र के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर व्यक्तिगत बातचीत शुरू करने के लिए उनकी वार्ता टीमें जनवरी के अंत तक मिलेंगी।
#WATCH | On India-Russia relations, EAM Dr S Jaishankar during interaction with the Indian community in Moscow says, “Russia is a special partner in a few areas- defence, nuclear energy. Today, we signed some important agreements pertaining to future units of the Kudankulam… pic.twitter.com/Rx6iqpTG8o
— ANI (@ANI) December 26, 2023
रूस-भारत के संबंध प्रगाढ़- जयशंकर
इससे पहले एक अन्य कार्यक्रम के दौरान जयशंकर ने कहा कि भू-राजनीति और रणनीतिक रूप से एक दूसरे पर निर्भरता की वजह से भारत और रूस के संबंध हमेशा मजबूत बने रहेंगे। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक पोस्ट में लिखा था कि वह रूसी नेताओं के साथ दोनों देशों में कनेक्टिविटी बढ़ाने, क्षेत्रीय संघर्ष आदि मुद्दों पर बात करेंगे।
यूक्रेन युद्ध के दौरान भी रूस की आलोचना से भारत ने किया परहेज
बता दें कि रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद दुनियाभर में रूस के इस कदम की आलोचना हुई लेकिन भारत ने भारी दबाव के बावजूद अपने पुराने मित्र देश की आलोचना नहीं की। हालांकि भारत ने साफ किया कि वह युद्ध के खिलाफ है लेकिन खुले तौर पर रूस की आलोचना करने से भारतीय नेतृत्व ने परहेज किया और कहा कि कूटनीति और बातचीत से विवाद का हल होना चाहिए। यूक्रेन से युद्ध के बाद भारत ने रूस के बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात किया है।
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