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धरने पर बैठे पहलवान
– फोटो : सोशल मीडिया
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भारतीय कुश्ती संघ में एक साल पहले शुरू हुआ विवाद अब तक जारी है। मंगलवार को महिला पहलवान विनेश फोगाट ने अपना खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड लौटा दिया। यह अवॉर्ड लौटाते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत लिखा। इस खत में उन्होंने लिखा कि उनके पदक 15 रुपये के नहीं हैं। वह उनके लिए जान से ज्यादा प्यारे हैं। विनेश दरअसल बृजभूषण शरण सिंह के उस बयान का विरोध कर रही थीं, जो उन्होंने इसी साल मई के महीने में दिया था।
पहलवान अपने विरोध के रूप में इसी साल अपने पदक गंगा में बहाने पहुंचे थे। हालांकि, बाद में उन्हें ऐसा करने से रोक लिया गया। पहलवानों ने अपने पदक लौटाने की बात भी कही थी। इस घटना के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में कहा था कि पहलवान जो पदक लौटा रहे हैं, उनकी कीमत तो महज 15 रुपये हैं। अगर उन्हें कुछ लौटाना है तो करोड़ों के नकद पुरस्कार लौटाएं, जो उन्हें सरकार की तरफ से दिए गए हैं।
बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान पर काफी बवाल हुआ था। अब एक बार फिर विनेश फोगाट ने इसका जिक्र किया है। यहां हम बता रहे हैं कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ विरोध का नेतृत्व कर रहे पहलवानों ने ये पदक हासिल करने के लिए कितना संघर्ष किया है।
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