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नायब तहसीलदार की प्रेम कहानी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
धर्मांतरण कर दूसरी शादी के आरोपी हमीरपुर के मौदहा में तैनात नायब तहसीलदार आशीष गुप्ता की पारिवारिक पृष्ठभूमि चौंकाने वाली रही है। नायब तहसीलदार बनने से पहले आशीष तीन सरकारी नौकरियां छोड़ चुका था। उसने पहली शादी भी रिश्ते में ही की थी। पिता मामूली व्यवसाय करते थे, लेकिन बीते कुछ वर्षों में करोड़ों की हैसियत हो गई।
खास बात यह कि पहली पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में उसने अपने घर का पता भी सही नहीं लिखाया है। नौबस्ता के नारायणपुरी में रहने वाला आशीष गुप्ता तीन सरकारी नौकरियां छोड़ने के बाद नायब तहसीलदार बना। उसने पहली शादी रिश्ते में बहन लगने वाली आरती गुप्ता से की थी।
दोनों का प्रेम-विवाह हुआ था। उसका हमीरपुर के मौदहा में मदद मांगने वाली गैर समुदाय की महिला से प्रेम प्रसंग हो गया। इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब आशीष के धर्म परिवर्तन करने के बाद मस्जिद में नमाज पढ़ने का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पता चला कि आशीष से यूसुफ बन गया और युवती से निकाह कर लिया।
कार्रवाई की संस्तुति, जेल भेजे गए तीन आरोपी
मौदहा तहसील में तैनात नायब तहसीलदार आशीष गुप्ता का धर्मांतरण करा निकाह कराने के मामले में मुस्लिम युवती के मौसा व दो मस्जिदों के मुअज्जिनों को जेल भेज दिया गया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि बिना तलाक दूसरी शादी करने के मामले में नायब तहसीलदार आशीष गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। आशीष गुप्ता को मौदहा तहसील से हटाकर कलक्ट्रेट से संबद्ध किया गया है।
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