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हालिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि चीन, सिंगापुर, अमेरिका सहित कई देशों में JN.1 की पुष्टि हो चुकी है। कुछ देशों में इस नए वैरिएंट के प्रसार की गति काफी तेज है जोकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने JN.1 की प्रकृति को देखते हुए इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में वर्गीकृत किया है।
आइए जानते हैं कि दुनियाभर में कोरोना से कैसे हालात हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि JN.1 सब-वैरिएंट के कारण अमेरिका में संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) द्वारा जारी आंकड़ों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर के मध्य तक यह वैरिएंट देशभर में 44% कोविड मामलों के लिए जिम्मेदार है। नवंबर में इसका प्रसार मात्र सात प्रतिशत था, यानी कि एक महीने के भीतर इस वैरिएंट के कारण संक्रमण में काफी तेजी से उछाल दर्ज किया गया है।
यूएस. स्थित वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. विलियम शेफनर कहते हैं, वैरिएंट को बढ़ने में कुछ समय जरूर लग रहा है, हालांकि एक बार रफ्तार पकड़ने के बाद ये व्यापक रूप से फैल रहा है। जब कोई वैरिएंट इस तरह से तेजी से बढ़ता है तो इससे न सिर्फ संक्रमण की रफ्तार तेज होती है साथ ही अगले कुछ महीनों में म्यूटेशन के साथ एक नए वैरिएंट के सामने आने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए फिलहाल JN.1 की रफ्तार को नियंत्रित करने पर ध्यान देना जरूरी है।
22 दिसंबर को प्रकाशित सीडीसी की रिपोर्ट में कोविड-19 के खतरे को रेखांकित किया है। विशेषज्ञों ने कहा, वृद्ध लोगों, शिशुओं, कमजोर प्रतिरक्षा वाले, क्रोनिक स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों और गर्भवती के लिए संक्रमण की स्थिति गंभीर रोगकारक हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक वैसे तो ज्यादातर मामलों में JN.1 गंभीर बीमारी का कारण नहीं बन रहा है, पर इसे हल्के में लेने की गलती नहीं की जानी चाहिए। चीन में कथित तौर पर इसके कारण मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन में कथित तौर पर JN.1 के कारण मृत्यु दर में वृद्धि देखी जा रही है। देश के शवदाह गृह कोविड-19 से मौतों में वृद्धि के कारण चौबीस घंटे काम कर रहे हैं। हालांकि अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहे हैं कि मौत के मामले कोरोना से संबंधित है या नहीं। रिपोर्ट में एक स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है, बुजुर्गों के अलावा, युवा लोग और बच्चे भी मर रहे हैं। अंतिम संस्कार गृहों में अचानक लाशों की वृद्धि डराने वाली है।
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स्रोत और संदर्भ
CDC Continues to Track the Growth of JN.1
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