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Kim Jong UN: पूरी दुनिया नए साल के स्वागत में जश्न मना रही है. लोग अपने दोस्तों, शुभचिंतकों को 2024 के लिए खुशियों की शुभकामनाएं दे रहे हैं. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो 2024 में अपनी ही बर्बादी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. नए साल के पहले दिन उत्तर कोरिया के तानाशाह और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शुभकामनाओं की जगह धमकी दी है और ये धमकी उनके लिए कहीं भस्मासुर न बन जाए, ठीक वैसे ही जैसे 2023 में हमास भस्मासुर साबित हुआ.
जापान की तबाही तो कुदरती है, लेकिन दुनिया के कुछ देश अपने ही हाथों बर्बादी की बुनियाद खड़ी कर रहे हैं. किम जोंग ने अपनी मिलिट्री को अमेरिका और साउथ कोरिया को बर्बाद करने के लिए कह दिया है. शी जिनपिंग ने नए साल के भाषण में कहा कि चीन का ताइवान के साथ मिलना तय है. बताया जा रहा है कि किम जोंग 2024 में अपने हथियारों का परीक्षण करना तेज कर सकता है, क्योंकि इसी साल नवंबर में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं.
दो नेताओं ने कर ली बर्बाद की प्लानिंग
देश के मुखिया होने के नाते कोई शासक न्यू ईयर पर अपने देश के लोगों की खुशहाली और समृद्धि की कामना करेगा. लेकिन नॉर्थ कोरिया के तानाशाह ने किम जोंग उन…ने तो 2024 के पहले ही दिन अपने देश की बर्बादी की प्लानिंग कर दी.
किम जोंग उन नए साल का जश्न मनाने राजधानी प्योंगयॉन्ग के स्टेडियम में अपने परिवार के साथ शामिल हुआ था. किम के साथ उसकी पत्नी और बड़ी बेटी भी मौजूद रहे. समारोह में किम की मिलिट्री और उसके बड़े सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे. इसी समारोह के दौरान नॉर्थ कोरिया के तानाशाह ने अपनी सेना को बड़ा आदेश दिया. आदेश तो था नॉर्थ कोरिया के दुश्मनों के खिलाफ लेकिन वो आदेश नॉर्थ कोरिया की बर्बादी की वजह बन सकता है.
किम जोंग ने दिया डराने वाला बयान
किम जोंग उन ने अपनी सेना को आदेश दिया है कि अगर अमेरिका या फिर साउथ कोरिया युद्ध के लिए उकसाएं तो सेना उन देशों का नामो निशान मिटा दें. अमेरिका और साउथ कोरिया का नामो निशान मिटाने की धमकी….दोनों देशों को उकसाने वाला बयान है. नए साल के पहले दिन आखिर युद्ध और विध्वंस की बातें कौन करता है. जाहिर है कोई लोकतांत्रिक देश का नेता तो ऐसा बयान नहीं दे सकता और जहां तक रही युद्ध के लिए उकसाने की बात तो पिछले कुछ दिनों से युद्ध के लिए किम जोंग खुद अमेरिका और साउथ कोरिया को उकसा रहा है.
दो दिन पहले ही किम जोंग ने 2024 में 3 नए जासूसी सैटेलाइट को लॉन्च करने का ऐलान किया है. इससे पहले किम जोंग उन ने परमाणु हमले की धमकी देते हुए कहा था कि अगर दुश्मन ने उकसाने की कोशिश की तो वो परमाणु हमला करने से नहीं हिचकेंगे. किम जोंग की धमकी उसके लिए ही भस्मासुर साबित हो सकती है.
किम जोंग उन ही नहीं…बल्कि चीन के राष्ट्रपति ने भी नए साल के पहले ही दिन अपने पड़ोसी ताइवान को धमकी भरा न्यू ईयर मैसेज दिया है. जिनपिंग ने नए साल के मौके पर अपने देश को संबोधित करते हुए कहा कि वो ताइवान को निश्चित रूप से वापस चीन में मिलाएंगे.
शी ने फिर ताइवान को दे दी धमकी
शी जिनपिंग ने कहा, मातृभूमि को फिर से एकजुटता को ऐतिहासिक रूप से रोका नहीं जा सकता. ताइवान स्ट्रेट के दोनों किनारों के लोग की भावना एक ही होनी चाहिए और चीनी राष्ट्र के बढ़ते प्रभाव का हिस्सा बनना चाहिए.
नए साल के पहले दिन जिनपिंग ताइवान को लेकर अपना 2024 का एजेंडा साफ किया है. उन्होंने ताइवान को धमकी दी है कि आसानी से चीन में मिल जाओ..नहीं तो आगे युद्ध तय है. वैसे भी चीन…पिछले कुछ सालों से ताइवान को युद्ध के लिए उकसाने की कोशिश में है. चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है जबकि ताइवान को स्वतंत्र देश मानता है.
अगर 2024 में चीन ने ताइवान के खिलाफ युद्ध छेड़ा तो ये युद्ध चीन-ताइवान से आगे अमेरिका वर्सेज चीन हो सकता है. ऐसे में चीन भी साल 2024 के भस्मासुर साबित हो सकते हैं. किम जोंग और शी जिनपिंग को हमास से सीख लेनी चाहिए, जो 2023 का भस्मासुर था.
मासूमों को भुगतना पड़ता है अंजाम
हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर सबसे बड़ा आतंकी हमला किया था, जिसके जवाब में इजरायल आज तक गाज़ा में हमास के ठिकानों पर बम बरसा रहा है. गाजा के बर्बाद होने के बावजूद हमास रुकने को तैयार नहीं है.
2023 के आखिरी दिन हमास के अल कासिम ब्रिगेड ने इजरायल पर दर्जनों मिसाइलें दागीं. अब इजरायल इन हमलों का जवाब देने के लिए गाज़ा और हमास के ठिकानों पर और भीषण हमला करेगा और इसका खामियाजा सिर्फ और सिर्फ गाज़ा के आम नागरिकों को ही भुगतना पड़ेगा.
किम जोंग और शी जिनपिंग को धमकी देने से पहले युद्ध के बाद की बर्बादी के बारे जरूर सोचना चाहिए क्योंकि तानाशाहों के इशारों पर युद्ध तो शुरू हो जाता है लेकिन उसका सबसे बड़ा नुकसान नागरिकों को ही उठाना पड़ता है.
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