Home World बेरूत में सालेह की मौत के 24 घंटे के भीतर ईरान में बड़ा धमाका, क्या मिडिल ईस्ट अब और धधकेगा?

बेरूत में सालेह की मौत के 24 घंटे के भीतर ईरान में बड़ा धमाका, क्या मिडिल ईस्ट अब और धधकेगा?

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बेरूत में सालेह की मौत के 24 घंटे के भीतर ईरान में बड़ा धमाका, क्या मिडिल ईस्ट अब और धधकेगा?

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Conflict In Middle East: मिडिल ईस्ट लगातार चर्चा में बना हुआ है. एक तरफ इजरायल हमास युद्ध जारी है. इजरायल ने अभी एक दिन पहले ही हमास के टॉप लीडर को मार गिराया और अब महज एक दिन बाद ईरान में बड़ी घटना सामने आ गई. ईरान के करमान शहर में कब्रिस्तान के पास सिलसिलेवार दो बम धमाकों में सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई है. ईरान ने इन धमाकों को आतंकवादी हमला बताया है. यह धमाके कासिम सुलेमानी की कब्र के पास हुए हैं. ईरान में यह बड़ा धमाका बेरूत में सालेह की मौत के 24 घंटे के भीतर हुआ है. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली हमले में मंगलवार को हमास के नंबर दो राजनीतिक नेता की मौत हो गई. अब हमास की जवाबी कार्रवाई से मध्य पूर्व में संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है. इसी बीच ईरान में यह घटना हो गई. इन दोनों घटनाओं को एक साथ समझने की जरूरत है.

सालेह की मौत…  24 घंटे के भीतर ईरान में बड़ा धमाका

असल में ईरान से सर्वोच्च कमांडर सुलेमानी की कब्र पर उसकी बरसी के दिन यह हमला हुआ. उधर महज एक दिन पहले मारे गए सालेह अरौरी हमास के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक थे. उनकी मौत के तुरंत बाद हमास ने इजरायल के साथ युद्धविराम वार्ता पर रोक लगाने की घोषणा कर दी. सालेह हमास की सैन्य शाखा के संस्थापक भी थे. उनकी मौत के बाद लेबनान के शक्तिशाली हिजबुल्ला द्वारा बड़ी जवाबी कार्रवाई की आशंका है. यह हमला हिजबुल्ला के गढ़ बेरूत के शिया बहुल जिले में एक इमारत के अपार्टमेंट पर हुआ है. हिजबुल्ला नेता सैय्यद हसन नसरल्ला ने लेबनान में फलस्तीनी अधिकारियों को निशाना बनाने वाले किसी भी इजरायली हमले के खिलाफ जवाबी हमला करने का संकल्प जताया है.

हिजबुल्ला अगर मैदान में कूदा तो..
चूंकि हिजबुल्ला अभी तक बड़ी कार्रवाई से अब तक दूर रहा है. लेकिन, एक बड़ी कार्रवाई इजराइल की उत्तरी सीमा पर संघर्ष को पूरी तरह से युद्ध में बदल सकती है. लेबनान की सरकारी राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने कहा कि हमला एक इजराइली ड्रोन द्वारा किया गया था. लेकिन इजराइली अधिकारियों ने घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. एक तथ्य यह भी है कि अमेरिका ने संघर्ष के प्रसार को रोकने के प्रयास में बार-बार हिजबुल्ला और उसके क्षेत्रीय समर्थक ईरान को हिंसा न बढ़ाने की चेतावनी दी है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी गाजा में हमले को तब तक जारी रखने का संकल्प लिया हुआ है जब तक कि हमास को पूरी तरह तबाह नहीं कर दिया जाता है.

ईरान ने इजरायल को भी दी है धमकी
लेबनान वाले हमले के तुरंत बाद ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने बयान दिया और हमास के उप प्रमुख सालेह अल-अरौरी की मौत की निंदा की, इसे इजरायल द्वारा कायरतापूर्ण कृत्य बताया. मंत्री ने कहा कि मंगलवार को बेरूत में अल-अरौरी की हत्या एक कायरतापूर्ण आतंकवादी ऑपरेशन था. “इससे साबित होता है कि अमेरिका के प्रत्यक्ष समर्थन के बावजूद गाजा और वेस्ट बैंक में हफ्तों तक चले युद्ध अपराधों, नरसंहार और विनाश के बाद यहूदी शासन ने अपने किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया है. इजरायल को आतंकवादी देश बताते हुए विदेश मंत्री ने कहा था कि यह देश क्षेत्रीय शांति और पड़ोसी देशों के लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है.

आगे अब क्या होगा?
चूंकि अमेरिका ने संघर्ष के प्रसार को रोकने के प्रयास में बार-बार हिजबुल्ला और उसके क्षेत्रीय समर्थक ईरान को हिंसा न बढ़ाने की चेतावनी दी है. ऐसे में ये दो घटनाएं इससे अलग नहीं है और क्षेत्र में हिंसा को रोकने की बजाय हिंसा बढ़ा सकती हैं. अब देखना होगा कि आगे का रास्ता क्या होता है क्योंकि ईरान इस हमले के बाद चुप नहीं बैठने वाला है. उधर इजरायल हमास पर हमले तेज कर चुका है. अगर हिज्बुल्ला और ईरान ने युद्ध में सीधा खुद को उतारा तो अमेरिका के पास क्या विकल्प होंगे, यह महत्वपूर्ण होगा. 

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