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The Modi government bulldozed the contentious Citizenship Amendment Act in Parliament in December 2019. Rules to make the law operational should have been in place according to Parliamentary procedures within six months. But nine extensions were sought and given.
Now we are…— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) January 3, 2024
मनीष तिवारी भी कर चुके हैं आलोचना
इससे पहले, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा था कि देश के संविधान की प्रस्तावना में धर्मनिरपेक्षता निहित है और ऐसे देश में धर्म नागरिकता का आधार नहीं हो सकता। मैंने दिसंबर 2019 में भी लोकसभा में इसी आधार पर बिल का विरोध किया था।
चुनाव की घोषणा से काफी पहले नियम अधिसूचित हो जाएंगे
गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया था कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से ‘काफी पहले’ नियम अधिसूचित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, सरकार जल्द ही सीएए के लिए नियमावली जारी करेगी। एक बार नियम जारी होने के बाद, कानून लागू किया जा सकेगा। नागरिकता संशोधन कानून लागू होने के बाद नियमों के तहत पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता भी दी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि चार साल से अधिक की देरी के बाद, सीएए के कार्यान्वयन के लिए नियम जरूरी हैं। क्या इस कानून के नियम अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले अधिसूचित हो जाएंगे? इस सवाल पर वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘हां, चुनाव के एलान से काफी पहले नियम जारी कर दिए जाएंगे।
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