[ad_1]

I.N.D.I alliance: Nitish Kumar
– फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
भाजपा ने अपना लक्ष्य तय कर लिया है। उसे 2024 के लोकसभा चुनाव में 400 के पार सीटें जीतनी हैं। प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसका खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। भाजपा मुख्यालय के सूत्र बताते हैं कि जनवरी 2024 के तीसरे सप्ताह के बाद तस्वीर भी साफ होनी शुरू हो जाएगी। दूसरी तरफ आईएनडीआई गठबंधन में बड़ा घमासान मचा है। हालांकि कांग्रेस मुख्यालय के सूत्र कह रहे हैं कि यह मीडिया में ज्यादा दिखाई दे रहा है। नेताओं के बीच में ऐसा कुछ नहीं है। समय पर सब ठीक हो जाएगा।
इंडिया गठबंधन में सबसे बड़ा पेंच अभी मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में है। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कई मोर्चों पर खुद को असहज पा रहे हैं। मल्लिकार्जुन खरगे अभी तक अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अपनी पूरी टीम नहीं बना पाए हैं। कल 4 जनवरी को खरगे ने सभी पार्टी महासचिवों, राज्यों के प्रभारी, प्रदेश अध्यक्षों और विधानसभा में नेता विरोधी दल के नेताओं की बैठक बुलाई है। यह बैठक 11 बजे पार्टी मुख्यालय में होनी है। इस बैठक में दो ही मुख्य मुद्दे हैं। पहला मुद्दा लोकसभा चुनाव 2024 पर चर्चा करना है। दूसरा मुद्दा 14 जनवरी 2024 से शुरू होने वाली राहुल गांधी 6200 किमी की भारत न्याय यात्रा है। यह यात्रा 14 राज्य, 85 जिलों से होकर 20 मार्च 2024 को मुंबई में संपन्न होगी। कोई 250-275 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है। दोनों ही मुद्दे काफी समय से कांग्रेस अध्यक्ष को परेशान किए हैं। इसके दो बड़े कारण हैं। एक तो वह उम्रदराज हैं और लोकसभा चुनाव 2024 की चुनौती विकराल है। दूसरा चुनाव के संसाधन, भारत न्याय यात्रा के लिए संसाधन का इंतजाम भी कम पेचीदा काम नहीं है। लेकिन 14 अकबर रोड के सूत्र कहते हैं कि आजादी के आंदोलन से निकली पार्टी आसानी से इसका हल निकाल लेगी। एक पूर्व केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि 310-315 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना है। अभी तो हम सभी का ध्यान इसी पर केंद्रित है।
भाजपा की क्या है रणनीति?
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 400 सीटों के पार का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की छवि, केंद्र सरकार के कामकाज, योजनाएं, राष्ट्रवाद और विश्व में भारत की छवि को आधार बना रही है। लगभग हर चुनाव में भाजपा का मुख्य ध्यान अपने उम्मीदवारों के चयन पर रहता है। इस बार भी भाजपा जिताऊ उम्मीदवारों को चिन्हित करने के लिए बड़े पैमाने पर होमवर्क कर रही है। माना जा रहा है कि जनवरी 2024 तक पार्टी अपने 100 प्रत्याशियों की घोषणा भी कर सकती है। पार्टी के तमाम नेता दबी जुबान से कहते हैं कि पार्टी 2024 में सफलता के लिए 30-35 फीसदी मौजूदा उम्मीदवारों के टिकट काट सकती है। इतना ही नहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में 40-45 फीसदी नए उम्मीदवारों को चुनाव लडऩे का अवसर मिल सकता है।
[ad_2]
Source link