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Kim Jong Un: नॉर्थ कोरिया के बॉर्डर कुछ ही किलोमीटर दूर अमेरिका और साउथ कोरिया के सैनिकों की हुंकार किम जोंग तक भी यकीनन पहुंच रही होगी. नॉर्थ कोरिया के बॉर्डर के पास अमेरिका और साउथ कोरिया के युद्धाभ्यास की तस्वीरें यकीनन किम जोंग को गुस्से से लाल कर रही होंगी. क्योंकि जिस अमेरिका से युद्ध के लिए किम जोंग अपनी सेना को तैयार कर चुका है वो अमेरिका एक बार फिर से किम जोंग को उकसाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. अब किम जोंग को गुस्सा आएगा तो क्या होगा ये बात अमेरिका भी जानता है. जापान भी जानता है..और साउथ कोरिया को भी पता है.
युद्धाभ्यास में दिखे घातक हथियार
नॉर्थ कोरिया के बॉर्डर के पास हुए इस युद्धाभ्यास की असली वजह क्या है हम आपको बताएंगे लेकिन किम के देश के पास अमेरिका के फाइटर जेट और साउथ कोरिया के टैंकों ने भीषण युद्धाभ्यास किया. इस युद्धाभ्यास में दोनों देशों ने तीन खास हथियारों का इस्तेमाल किया. जो हैं- K1A2 टैंक, बिहो एंटी एयरक्रॉफ्ट गन, ए-10 जेट्स, बख्तरबंद गाड़ियां.
तस्वीरों में नजर आ रहा है कि किस तरह साउथ कोरिया के खतरनाक K1A2 टैंक लगातार आग उगल रहे हैं. नॉर्थ कोरिया बॉर्डर के करीब साउथ कोरिया के जिस पोचियोन इलाके में ये युद्धाभ्यास हो रहा है वहां पर पारा माइनस के नीचे पहुंच जाता है. यहां पर बेहद ठंड में भी काम करने वाले टैंक ही युद्ध लड़ सकते हैं. और साउथ कोरिया के K1A2 टैंक ना सिर्फ गोले फायर कर रहे हैं बल्कि तेजी से एक जगह से दूसरी जगह जाकर दुश्मनों के लक्ष्य को निशाना बना रहे हैं. युद्धाभ्यास की तस्वीरें और तैयारियां किम जोंग को परेशान करने वाली हैं.
81वीं आर्मर बटालियन के कमांडर चो सेउंग-जे ने कहा,इस अभ्यास ने हमें अत्यधिक ठंडे मौसम के दौरान भी तत्परता बनाए रखने में मदद की और उकसावे की स्थिति में दुश्मन को कड़ी सजा देने के लिए ज्वाइंट ऑपरेशन करने में भी सक्षम बनाया.
बिहो एंटी एयरक्राफ्ट गन ने दिखाया कमाल
इस सैनिक का इशारा किसके उकसावे को लेकर था आप भी समझ सकते हैं.इसी युद्धाभ्यास में बिहो एंटी एयरक्रॉफ्ट गन भी प्रदर्शन किया, जिसका निशाना बॉर्डर के पास उड़ने वाला कोई भी नॉर्थ कोरियन विमान हो सकता है. बिहो एंटी एयरक्रॉफ्ट गन किस तरह से अपने टारगेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाती है ये बताने की जरूरत नहीं है.
इसके अलावा बख्तरबंद वाहनों में बैठे सैनिक भी तेजी से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा रहे हैं. युद्ध की स्थिति में ये तेजी से नॉर्थ कोरिया की सेना के उपर हमला कर सकते हैं. टैंक और बख्तरबंद वाहनों से दुश्मन पर हमले की स्थिति में अगर किसी ड्रोन या हेलीकॉप्टर से उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जाएगी तो बिहो एंटी एयरक्रॉफ्ट गन उसे निशाना बनाएंगी.
इसी युद्धाभ्यास में अमेरिका के ए—10 जेट्स भी नजर आए जो जमीनी हमला करने वाले सैनिकों को आसमान से सपोर्ट देते हैं. इसके अलावा ए—10 जेट्स दूसरे फाइटर प्लेन और हेलीकॉप्टर को दुश्मन पर जमीनी हमला करने में भी मदद देते हैं.
अमेरिका-साउथ कोरिया ने दिया किम को जवाब
इस तरह का आक्रामक युद्धाभ्यास करके और उसका वीडियो जारी करके अमेरिका और साउथ कोरिया ने दिखाया है किस तरह वो एक साथ मिलकर दुश्मनों पर तेज हमला कर सकते हैं. 2-12 इन्फैंट्री बटालियन के कंपनी कमांडर कोरी मसाराचिया ने कहा, आज के प्रशिक्षण के पीछे का मकसद अमेरिका और साउथ कोरिया की सेनाओं की हथियारों के साथ संयुक्त ऑपरेशन की क्षमताओं को दिखाना था.
खास बात ये है कि साउथ कोरिया और अमेरिका जिस तरह से बार बार इस इलाके में युद्धाभ्यास कर रहे हैं. उससे ये ही लगता है कि वो इस इलाके में बहुत जल्द होने वाले किसी युद्ध की तैयारी कर रहे हैं. इस इलाके में अमेरिका के दोस्त साउथ कोरिया और जापान को सबसे ज्यादा खतरा नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग से है, जो बार बार मिसाइल का परीक्षण करके इन देशों को धमकाता रहता है. जिस वक्त किम जोंग ने अपनी सेनाओं को अमेरिका के खिलाफ युद्ध के लिए तैयार रहने के आदेश दिए. उसके बाद ही 29 दिसंबर से अमेरिका और साउथ कोरिया ने युद्धाभ्यास शुरू कर दिया.
किम ने किया था ह्वॉसॉन्ग-18 का परीक्षण
इससे पहले, पिछले महीने ही किम जोंग ने अमेरिका तक आसानी से हमला करने वाली अपनी सबसे घातक ह्वॉसॉन्ग-18 मिसाइल के सफल परीक्षण का भी एलान किया था. और युद्ध के लिए अपने परमाणु हथियारों के विभाग को भी अलर्ट कर दिया था. ऐसे में अपने देश के बॉर्डर पर हुए इस युद्धाभ्यास का वीडियो देखने के बाद किम जोंग की प्रतिक्रिया क्या मिसाइल परीक्षण से आगे बढ़ेगी.
मतलब साफ है 2023 में शुरू हुआ और 2024 में खत्म हुआ अमेरिका साउथ कोरिया का ये युद्धाभ्यास कोरियन प्रायद्वीप के माहौल को कड़ाके की ठंड में भी गर्म कर रहा है. क्योंकि परमाणु मिसाइलें रखने का दावा करने वाले किम जोंग ने अगर जंग शुरू की तो ये कुछ देशों की तबाही के साथ भी खत्म हो सकती है.
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