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ND Gupta, Sanjay Singh
– फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt
विस्तार
आम आदमी पार्टी ने शराब घोटाले में जेल में बंद संजय सिंह को दोबारा राज्यसभा भेजने का निर्णय किया है। संजय सिंह का नाम आते ही विवाद बढ़ गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि संजय सिंह को दोबारा राज्यसभा भेजने का निर्णय कर अरविंद केजरीवाल ने यह साफ कर दिया है कि उनकी राजनीति केवल भ्रष्टाचार के दम पर ही आगे बढ़ रही है। इससे उनकी ईमानदारी वाली राजनीति के दावे की असलियत भी खुलकर सामने आ गई है। संजय सिंह शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में इस समय जेल में बंद हैं। इसी महीने दिल्ली की तीनों राज्यसभा सीटें रिक्त हो रही हैं, जिन पर 19 जनवरी को चुनाव कराया जायेगा।
संजय सिंह अरविंद केजरीवाल के बेहद भरोसेमंद साथी बनकर उभरे थे। राज्यसभा में वे मजबूती के साथ पार्टी की आवाज उठा रहे थे। उन्हें उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। वे दूसरे राज्यों में भी पार्टी के चुनाव प्रचार में मजबूती से सक्रिय रहते थे। लेकिन फिलहाल वे शराब घोटाले में जेल में बंद हैं, जिससे उनकी राजनीति को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई थी। लेकिन आज उन्हें दोबारा राज्यसभा भेजने का निर्णय कर केजरीवाल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने साथियों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। हालांकि, भाजपा इसको बड़ा मुद्दा अवश्य बनाएगी। ऐसे में केजरीवाल के इस निर्णय का क्या राजनीतिक असर हुआ, यह देखने वाली बात होगी।
संजय सिंह के साथ-साथ दिल्ली महिला आयोग की चैयरमैन स्वाति मालीवाल को पहली बार राज्यसभा भेजने का निर्णय किया गया है। इसे पार्टी में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है। केजरीवाल पर यह आरोप लग रहा था कि वे पार्टी या सरकार में महिलाओं को पर्याप्त भागीदारी नहीं दे रहे हैं। दिल्ली में लंबे समय तक कोई महिला मंत्री नहीं थी। लेकिन बदले समीकरणों में अरविंद केजरीवाल ने आतिशी मारलेना को न केवल आगे बढ़ाया, बल्कि अब वे केजरीवाल के बाद सबसे मजबूत नेता बनकर उभरी हैं। इसके अलावा दिल्ली नगर निगम में भी शैली ओबेरॉय को आगे बढ़कर केजरीवाल ने पार्टी के अंदर महिलाओं की भूमिका मजबूत करने की कोशिश की है। दिल्ली की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए आम आदमी पार्टी ने एनडी गुप्ता को दोबारा अवसर देने पर सहमति जताई है।
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