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जश्न मनाने के लिए कार्यक्रमों की घोषणा के बाद खुशी मनाते पदाधिकारी
– फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर राजधानी के मंदिरों को दिवाली के दिन की तरह रंग बिरंगी रोशनी एवं फूलों से सजाया जाएगा। इसके अलावा मंदिरों में रामचरित मानस का पाठ होगा और रामचरित मानस की प्रति भी बांटी जाएगी। यह निर्णय श्री रामलीला महासंघ के नेतृत्व में रविवार को राजधानी की समस्त रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों ने एक बैठक में लिया।
फतेहपुरी स्थित नेशनल क्लब में हुई बैठक में महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने कहा कि 550 साल बाद हमें अयोध्या में प्रभु राम की पूजा अर्चना करने का अवसर मिलने जा रहा है। लिहाजा समस्त रामलीला कमेटियों ने इस दिन को ऐतिहासिक बनाने की कड़ी में अपने-अपने क्षेत्र में मंदिरों में रंग-बिरंगी रोशनी एवं फूलों से सजाने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा अयोध्या के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को मंदिरों के बाहर बड़ी-बडी एलईडी स्कीन के माध्यम से लाइव दिखाया जाएगा। महासंघ के महासचिव सुभाष गोयल ने बताया कि रामचरित मानस की प्रति रामलीला कमेटियां वितरित करेंगी। मंदिरों में विशाल भंडारों का आयोजन किया जाएगा एवं 501 देशी घी के दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
इसके अलावा रामलीला कमेटी प्रभु राम की भव्य शोभायात्रा निकालेगी और वह जगह-जगह स्वागत द्वार बनाएगी। महासंघ ने राजधानी निवासियों से इस दिन दिवाली की तरह एक दूसरे के साथ मिलकर खुशी मनाने का आह्वान किया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सांसद डा. हर्षवर्धन ने कहा कि प्रभु राम का मंदिर बनने पर हमें एक साल के अंदर दो बार दिवाली मनाने का अवसर मिल रहा। प्रदेश भाजपा सचिव बांसुरी स्वराज ने कहा कि अयोध्या में बनाया जा रहा प्रभु राम का मंदिर प्रत्येक व्यक्ति के मन में बसा हुआ है।
बैठक में गौरीशंकर मंदिर चांदनी चौक के अध्यक्ष गोपाल सेठ एवं कोषाध्यक्ष बलराम गर्ग के अलावा विभिन्न रामलीला कमेटी के पदाधिकारी जत्थेदार अवतार सिंह, महेन्द्र नागपाल, सुरेश बिन्दल, प्रवीण शंकर कपूर, श्याम अग्रवाल आदि भी मौजूद थे।
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