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Vinod Upadhyay Encounter
– फोटो : अमर उजाला
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पुलिस ने गोरखपुर में मई से अभियान शुरू करवा कर माफिया विनोद उपाध्याय के कब्जे से जमीनों को खाली करवाया था। इन जमीनों की उनके असल भू-स्वामियों के नाम से रजिस्ट्री कराने के साथ कब्जा भी दिला दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, माफिया विनोद ने पुलिस की इस कार्रवाई के जवाब में इन असल कब्जेदारों की हत्या करने की साजिश रची थी। मंशा भू-स्वामियों की हत्या कर दहशत फैलाना था, ताकि इसके बाद कोई अपनी जमीन के लिए आगे न आए। एसटीएफ के सूत्र बताते हैं कि इसी सूचना के बाद टीम ने विनोद की गिरफ्तारी की योजना बनानी शुरू कर दी थी।
पांच महीने तक गिरफ्तारी की फिराक में लगी एसटीएफ टीम को पांच जनवरी को सफलता मिल गई। मुठभेड़ में विनोद मारा गया। विनोद ने अपने रसूख और अपराध के दम पर शहर में गरीब, सरकारी और सरकारी सेवाओं में कार्यरत लोगों की काफी जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिया था। डर की वजह से सामने आकर कोई विरोध नहीं कर पाता था।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने यहां आने के बाद माफिया पर नकेल कसने की योजना बनाई। शासन की मंशा के अनुसार, गरीबों और जरूरतमंदों की जमीनों पर से अवैध कब्जे हटाने शुरू किए और विनोद की तलाश शुरू कर दी। इस बीच विनोद ने गोरखपुर छोड़ दिया।
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