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Bhutan Election : भूटान आर्थिक चुनौतियों से जूझने के बीच आम चुनाव करा रहा है. भूटान में संसदीय चुनाव के लिए मंगलवार सुबह यानी 9 जनवरी को मतदान शुरू हो गए है. लगभग आठ लाख की आबादी वाले देश में लोगों को उम्मीद है, कि राजनीतिक नेता अपने वादों को पूरा करेंगे और देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालेंगे. चुनाव में 47 सांसदों का समूह अगली सरकार बनाएगा. बताया जा रहा है, कि नतीजे देर रात तक घोषित होने की संभावना है.
भूटान में यह चौथा राष्ट्रीय चुनाव
साल 2008 में पारंपरिक राजतंत्र से संसदीय सरकार में परिवर्तन के बाद भूटान में यह चौथा राष्ट्रीय चुनाव है. चुनाव में केवल पूर्व प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और पूर्व लोकसेवक पेमा चेवांग की अध्यक्षता वाली भूटान टेंड्रेल पार्टी शामिल हैं. नवंबर में मतदान के प्राथमिक दौर में तीन अन्य दल अंतिम दौर के चुनाव से बाहर हो गए थे.
भूटान में पिछले पांच वर्षों में
देश में चुनाव प्रचार में आर्थिक संकट मुख्य मुद्दा रहा है. विश्व बैंक के अनुसार, भूटान में पिछले पांच वर्षों में वृद्धि दर 1.7 प्रतिशत रही है. बेरोजगारी के चलते विदेशों में उच्च शिक्षा और नौकरियों की तलाश में युवाओं का पलायन देश की आर्थिक क्षमता को कमजोर कर रहा है.
मेगासिटी योजना की घोषणा
आर्थिक चुनौतियों से पार पाने के लिए भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने दिसंबर में गेलेफू में एक मेगासिटी की योजना की घोषणा की थी, जिसमें विदेशी निवेश के साथ कार्बन मुक्त उद्योग होंगे. वांगचुक का कहना है, कि शहर का निर्माण भूटानी संस्कृति और परंपरा को ध्यान में रखकर किया जाएगा. यह हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप होगा. साथ ही उन्होंने शीर्ष भारतीय व्यापारिक नेताओं से मुलाकात की थी, जिनके इस परियोजना में निवेश करने की उम्मीद है.
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