Home World Maldives News: पांच दिन में निकली मालदीव की सारी हेकड़ी, बॉयकॉट मिशन का असली असर तो अभी बाकी है!

Maldives News: पांच दिन में निकली मालदीव की सारी हेकड़ी, बॉयकॉट मिशन का असली असर तो अभी बाकी है!

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Maldives News: पांच दिन में निकली मालदीव की सारी हेकड़ी, बॉयकॉट मिशन का असली असर तो अभी बाकी है!

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India Maldives Row: भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले मालदीव के नेता इतने सस्ते में नहीं निपटेंगे. जब मालदीव के राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद मुइज्‍जू की चीन से वापसी होगी, तब आगे कार्रवाई की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियों से नई दिल्‍ली आगबबूला है. मालदीव के राजदूत इब्राहिम शाहीब को बुलाकर डांट पिलाई गई है. पीएम मोदी पर टिप्पणियां करने वाले तीन जूनियर मंत्रियों को सस्पेंड किया गया था. भारत की कड़ी प्रतिक्रिया और टूरिस्‍ट्स के बॉयकॉट के डर से मालदीव के सुर बदल गए हैं. वहां के नेता जाहिद रमीज को ही लीजिए. उन्होंने लक्षद्वीप जाने पर पीएम मोदी के लिए अपमानजनक टिप्पणी की थी. पिछले तीन-चार दिन का माहौल भांपकर उनके तेवर एकदम बदल गए हैं. मंगलवार को उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को जन्मदिन पर बधाई दी. रमीज ने जयशंकर की उस पोस्ट को कोट किया जिसमें वह बर्थडे विश करने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा कर रहे थे.

पिछले हफ्ते मालदीव के राजनेताओं के बेहूदा बयानों से यह सारा बखेड़ा शुरू हुआ था. रमीज ने मालदीव में पर्यटकों को मिलने वाली सुविधाओं की बात करते हुए मोदी पर लक्षद्वीप को प्रमोट करने के लिए तंज कसा था. यह भी कहा था कि भारत को मालदीव के टूरिज्‍म से टक्कर लेने का विचार छोड़ देना चाहिए. फिर रमीज ने लक्षद्वीप में साफ-सफाई और होटल के कमरों के स्‍टैंडर्ड को लेकर भी खराब टिप्‍पणी की. डिप्टी मंत्री मरियम शिउना ने भी अपमानजनक पोस्ट लिखे. बवाल मचने पर इन बयानों से मालदीव सरकार ने किनारा कर लिया. 

भारत के खिलाफ कौन सा ‘ड्रैगन’ प्‍लान बना रहे मुइज्‍जू?

भारत से विवाद के बीच, मुइज्‍जू चीन से पैसा मांगने गए हैं. बदले में चीन ने अपने एक सर्विलांस जहाज के मालदीव के तट पर जाने की अनुमति मांगी है. मुइज्‍जू का भारत को लेकर जैसा रुख रहा है, उसे देखते हुए चीन की सरपरस्ती में उनका रवैया और बिगड़ना तय लग रहा है. मुइज्‍जू का एंटी-इंडिया एटीट्यूड जगजाहिर है. उन्‍होंने चुनाव ही ‘आउट इंडिया’ कैंपेन के आधार पर जीता.

वह चाहते हैं कि भारत अपने निहत्थे सैनिकों को मालदीव से वापस बुला ले. अपने भारत-विरोधी कार्ड का इस्तेमाल कर वह भारत के दुश्मनों से वित्तीय मदद हासिल कर रहे हैं. भारत ने साफ कर दिया है कि द्विपक्षीय संबंधों में जो दरार आई है, उसे पाटने की जिम्मेदारी मालदीव की है.

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