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Seat Sharing
– फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar
विस्तार
अरविंद केजरीवाल ने जब दिल्ली से आम आदमी पार्टी की राजनीतिक पारी शुरू की थी, तब उन्होंने कांग्रेस के ही वोट बैंक में सेंध लगाई थी। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीबों, दलितों-मुसलमानों का वोट बैंक पूरी तरह केजरीवाल के साथ चला गया और आम आदमी पार्टी दिल्ली की सबसे बड़ी पार्टी बन गई, जबकि कांग्रेस शून्य पर सिमट कर रह गई। यही हाल पंजाब में भी हुआ जहां कांग्रेस की अंतर्कलह का लाभ आम आदमी पार्टी को मिला। शिरोमणि अकाली दल का कुछ और कांग्रेस का लगभग पूरा वोट बैंक खिसककर केजरीवाल के साथ आ गया और वह प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में पहुंच गई।
लेकिन अब अपने राजनीतिक विस्तार के लिए भी आम आदमी पार्टी कांग्रेस को ही हथियार बनाना चाहती है। इंडिया गठबंधन के तले वह 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन कर रही है। 8 जनवरी को कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक के आवास पर हुई बैठक में आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को दिल्ली में दो और पंजाब में छह सीटें देने का प्रस्ताव रखा है, जबकि इसके बदले में वह हरियाणा में तीन और गुजरात में पांच सीटें मांग रही है।
आम आदमी पार्टी की तरफ से संदीप पाठक, आतिशी मारलेना और सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि दिल्ली-पंजाब में वह सत्ता में है और मजबूत स्थिति में है। वह यहां पर कांग्रेस को जगह दे रही है, तो इसके बदले में उसे गुजरात और हरियाणा में अपने लिए सीटें चाहिए। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी ने अपने लिए राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी एक-एक सीट की मांग की है।
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