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सच्चिदानंद/पटना. बिहार की राजधानी पटना का मोइनुल हक स्टेडियम और बिहार क्रिकेट संघ आजकल सुर्खियों में है. स्टेडियम अपने जर्जर हालत के कारण और बिहार क्रिकेट संघ विवादों के कारण सुर्खियों में बना हुआ है. बीसीए का विवाद तब खुलकर सामने आया जब बिहार और मुंबई के बीच रणजी मैच के दौरान बिहार की तरफ दो टीम खेलने पहुंची. इसके बाद अब मोइनुल हक स्टेडियम में मैच करवाने को लेकर बीसीए पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.
पूर्व खिलाड़ी और बिहार क्रिकेट को मान्यता दिलवाने के लिए लड़ाई लड़ने वाले आदित्य वर्मा ने बीसीए की नियत पर बड़ा सवाल उठाया है. आदित्य वर्मा ने बताया कि ऊर्जा स्टेडियम में सारी सुविधाएं होने के बावजूद भी जर्जर मोईनुल हक स्टेडियम में मैच करवाने क्यों करवाया गया. आदित्य वर्मा का कहना है कि बीसीए ने बिहार की छवि को धूमिल करने के इरादे से यह मैच करवाया है.
क्या है आरोप?
पूर्व खिलाड़ी आदित्य वर्मा ने बताया कि पटना के राजवंशी नगर में विश्व स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम है. जिसका नाम है ऊर्जा स्टेडियम. इस स्टेडियम की तारीफ कई इंटरनेशनल खिलाड़ी भी कर चूके हैं. पिछले साल यहां प्लेट ग्रुप का रणजी मुकाबला करवाया गया था. रणजी मानकों का अत्याधुनिक सुविधाओं वाला स्टेडियम रहने के बावजूद भी जिस स्टेडियम को खतरनाक घोषित किया गया है, वहां मैच करवाने का क्या उद्देश्य है.
आदित्य वर्मा ने आगे बताया कि बीसीए के अध्यक्ष राकेश तिवारी बिहार बीजेपी के प्रदेश कोषाध्यक्ष हैं. इसलिए एक सोची समझी साजिश के तहत मोइनुल हक स्टेडियम में मुकाबला करवाया गया, ताकि बिहार और बिहार सरकार की किरकिरी पूरे देश में हो और इसका फायदा बीजेपी को आगामी चुनाव में मिल सकें.
क्या है बीसीए का पक्ष?
आदित्य वर्मा के इस आरोप को BCA ने बेतुका बताया है. रणजी मुकाबले के लिए ऊर्जा स्टेडियम को बुक करने के लिए भेजे गए ई-मेल का हवाला देते हुए बीसीए के सीईओ मनीष राज ने बताया कि ऊर्जा स्टेडियम के आवंटन के लिए हमने आवदेन दिया था. मैच शुरू होने के 7 दिन पहले बीसीसीआई के क्यूरेटर आते हैं और पिच को अपने कंट्रोल में ले लेते हैं. लेकिन ऊर्जा स्टेडियम की तरफ से कोई जवाब नहीं आया. चूंकि मैच प्रस्तावित था, इस वजह से मजबूरी में हमें मोइनुल हक स्टेडियम को चुनना पड़ा.
मोइनुल हक स्टेडियम का मैदान और पवेलियन सही हालत में है. इस वजह से बीसीसीआई ने भी मंजूरी दे दी. उन्होंने आगे बताया कि अगर ऊर्जा स्टेडियम का आवंटन रणजी के लिए हो जाता तो यह बीसीए के लिए भी फायदे का सौदा होता. हमें अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ता.
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Tags: Bihar News, Cricket news, Local18, PATNA NEWS, Ranji Trophy
FIRST PUBLISHED : January 11, 2024, 06:14 IST
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