Home Sports पिता ने क्रिकेट में कमाया खूब नाम, पर उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतर सके बेटे, छोटा रहा करियर

पिता ने क्रिकेट में कमाया खूब नाम, पर उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतर सके बेटे, छोटा रहा करियर

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पिता ने क्रिकेट में कमाया खूब नाम, पर उम्‍मीदों पर खरे नहीं उतर सके बेटे, छोटा रहा करियर

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नई दिल्‍ली. क्रिकेट में पिता-पुत्र की कई जोड़‍ियों ने देश का प्रतिन‍िधित्‍व किया है.भारत के लिहाज से बात करें तो इनमें लाला अमरनाथ-सुरिंदर अमरनाथ-मोहिंदर अमरनाथ, सुनील गावस्‍कर-रोहन गावस्‍कर, पंकज राय-प्रणब राय, वीनू मांकड़-अशोक मांकड़, रोजर बिन्‍नी-स्‍टुअर्ट बिन्‍नी, विजय मांजरेकर-संजय मांजरेकर और योगराज सिंह-युवराज सिंह आदि प्रमुख हैं. इन जोड़‍ियों में कई मामले ऐसे रहे जब बेटे, क्रिकेटर पिता की तरह कामयाबी हासिल नहीं कर सके और क्षणिक चमक दिखाकर इंटरनेशनल क्रिकेट परिदृश्‍य से ओझल हो गए.

यह ‘स्‍टार सन’ संभवत:खेल कौशल के धनी अपने पिता के चमकीले करियर के कारण उनसे लगाई गईं अपेक्षाओं के दबाव का हैंडल नहीं कर सके और उनका खेल बिखर गया. खेल हो, सिनेमा या कोई और फील्‍ड, यह सामान्‍य बात है कि किसी भी स्‍टार सन की तुलना उनके सेलिब्रटी पिता से की जाती है. उनसे पिता की तरह ‘प्रदर्शन’ की उम्‍मीद लगाई जाती है जो कि हर बार संभव नहीं हो पाता.नजर डालते हैं क्रिकेटर पिता-पुत्र की ऐसी जोड़‍ियों पर, जिनमें पिता के मुकाबले में बेटे का करियर छोटा और कम सफल रहा.

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सुनील गावस्‍कर और रोहन गावस्‍कर
सुनील गावस्‍कर (Sunil Gavaskar) का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. छोटे कद के इस बैटर की क्रिकेट के खेल में उपलब्धियां बेहद ‘बड़ी’ हैं, इस कारण उन्‍हें भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्‍ठ सलामी बल्‍लेबाजों में स्‍थान दिया जाता है.’सीनियर गावस्‍कर’ ने वेस्‍टइंडीज के खिलाफ डेब्‍यू टेस्‍ट सीरीज में 700 से अधिक रन बनाकर करियर का धमाकेदार आगाज किया था.इंटरनेशनल क्रिकेट में माइकल होल्डिंग, एंडी रॉबर्ट्स, मैल्‍कम मॉर्शल, जोएल गॉर्नर, कॉलिन क्राफ्ट, डेनिस लिली और जैफ थॉमसन जैसे तेज गेंदबाज अपनी गति से खौफ का पर्याय थे लेकिन गावस्‍कर ने बिना हेलमेट लगाए इनका सामना किया.टेस्‍ट क्रिकेट में सर डॉन ब्रेडमैन के 29 शतकों का रिकॉर्ड सबसे पहले गावस्‍कर ने ही तोड़ा.यही नहीं, टेस्‍ट क्रिकेट में 10 हजार रन के आंकड़े तक सबसे पहले गावस्‍कर ही पहुंचे.125 टेस्‍ट में 51.12 के औसत से 10122 रन (34 शतक) और 108 वनडे में 35.13 के औसत से 3092 रन (एक शतक) ‘सनी’ के नाम दर्ज हैं.

सुनील के बेटे रोहन (Rohan Gavaskar) ने भी भारत के लिए क्रिकेट खेला लेकिन 11 वनडे के बाद ही उनके सफर पर विराम लग गया. रोहन बाएं हाथ से बैटिंग और स्पिन बॉलिंग करते थे.11 ODI में 18.87 के औसत से 151 रन (सर्वोच्‍च 54) और 74.00 के औसत से एक विकेट उनके नाम है.हालांकि फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में रोहन का रिकॉर्ड प्रभावी रहा. 117 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में 44.19 के औसत से 6938 रन बनाने के अलावा 38 विकेट और 126 लिस्‍ट ए मैचों में 30.95 के औसत से 3157 रन बनाने के लावा 58 विकेट उनके नाम पर हैं.

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वीनू मांकड़ और अशोक मांकड़

गुजरात के जामनगर में जन्‍मे वीनू मांकड़ (Vinoo Mankad) का मूल नाम मूलवंत राय हिम्‍मतलाल मांकड़ था.दाएं हाथ के बैटर और बाएं हाथ के स्पिनर वीनू को कपिल देव के बाद भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा हरफनमौला माना जाता है.टेस्‍ट में दो दोहरे शतक भी उन्‍होंने लगाए थे. कई मैचों में पंकज राय के साथ भारतीय पारी की शुरुआत करने वाले वीनू का गेंद और बल्‍ले से रिकॉर्ड बेहतरीन रहा.44 टेस्‍ट में 31.47 के औसत से 2109 रन (पांच शतक) बनाने के अलावा 32.32 के औसत से 162 विकेट उन्‍होंने लिए.छोटे टेस्‍ट करियर में ही दो बार मैच में 10 या इससे अधिक विकेट की उपलब्धि उन्‍होंने हासिल की. फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में वीनू ने 233 मैचों में 11591 रन बनाए और 782 विकेट हासिल किए.

वीनू के तीन बेटों अशोक, अतुल और राहुल ने फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट खेला लेकिन अशोक ही इंटरनेशनल क्रिकेट खेल सके.अशोक (Ashok Mankad) को घरेलू क्रिकेट का बेहतरीन बैटर माना जाता था और फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में 50 के औसत से उन्‍होंने करीब 13 हजार रन बनाए लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में वे ज्‍यादा सफल नहीं रहे. अशोक मांकड़ ने 22 टेस्‍ट में 25.41 के औसत से 991 रन (छह अर्धशतक) और एक वनडे में 44 के औसत से 44 ही रन बनाए.

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पंकज रॉय और प्रणब रॉय
वीनू मांकड़ और पंकज रॉय को एक समय भारत की सबसे विश्‍वसनीय ओपनर जोड़ी माना जाता था.टेस्‍ट क्रिकेट में पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी पार्टनरशिप (413 रन) का रिकॉर्ड इन दोनों के ही नाम पर था. न्‍यूजीलैंड के खिलाफ चेन्‍नई में वर्ष 1956 में बनाए इन दोनों के पार्टनरशिप रिकॉर्ड को 52 साल बाद दक्षिण अफ्रीका के नील मैकेंजी और ग्रीम स्मिथ (415 रन) की जोड़ी ने तोड़ा था.घरेलू क्रिकेट में बंगाल की ओर से खेलने वाले पंकज (Pankaj Roy) ने भारत के लिए 43 टेस्‍ट खेले और 32.56 के औसत से 2442 रन (पांच शतक) बनाए. फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में 11 हजार से अधिक रन भी उनके नाम पर हैं.

पंकज के बेटे प्रणब रॉय (Pranab Roy) ने भी ओपनर की हैसियत से भारत के लिए क्रिकेट खेला लेकिन दो टेस्‍ट ही खेल पाए. दो टेस्‍ट में 35.50 के औसत से 71 रन उन्‍होंने बनाए जिसमें नाबाद 60 रन सर्वोच्‍च स्‍कोर रहा.रोजर बिन्‍नी और स्‍टुअर्ट बिन्‍नी

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रोजर और उनके बेटे स्‍टुअर्ट, ऑलराउंडर की हैसियत से भारत के लिए क्रिकेट खेल चुके हैं. Stuart Binny/Instagram

मौजूदा समय में BCCI अध्‍यक्ष का पद संभाल रहे रोजर बिन्‍नी (Roger Binny)के अलावा उनके बेटे स्‍टुअर्ट (Stuart Binny) भी भारत के लिए खेल चुके हैं. 1983 की वर्ल्‍ड चैंपियन भारतीय टीम के सदस्‍य रोजर का इंटरनेशनल करियर जहां लंबा रहा वहीं स्‍टुअर्ट क्षणिक चमक दिखाकर ओझल हो गए. दोनों ही दाएं हाथ से बैटिंग और मध्‍यम तेज गेंदबाजी करते थे. रोजर ने भारत के लिए 27 टेस्‍ट में 32.63 के औसत से 47 विकेट लेने के अलावा 23.05 के औसत से 830 रन (पांच पचासे) बनाए, जबकि 72 वनडे में 29.35 के औसत से 77 विकेट और 16.12 के औसत से 629 रन उनके नाम हैं. वर्ल्‍डकप 1983 में सबसे अधिक 18 विकेट रोजर ने ही लिए थे.

रोजर की तरह स्‍टुअर्ट भी ऑलराउंडर थे लेकिन छह टेस्‍ट, 14 वनडे और तीन टी20I ही खेल पाए. हालांकि इस छोटे करियर के बावजूद वनडे में भारत की ओर से दूसरा सर्वश्रेष्‍ठ गेंदबाजी विश्‍लेषण (चार रन देकर 6 विकेट, बनाम बांग्‍लादेश वर्ष 2014) स्‍टुअर्ट के नाम पर है.वर्ल्‍डकप 2023 के दौरान ही मोहम्‍मद शमी (57 रन देकर सात विकेट, बनाम न्‍यूजीलैंड) ने स्‍टुअर्ट के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है. टेस्‍ट में 194 रन और तीन विकेट, वनडे में 230 रन और 20 विकेट तथा टी20 में35 रन और एक विकेट ‘जूनियर बिन्‍नी’ के नाम पर हैं.

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लाला अमरनाथ और सुरिंदर अमरनाथ
भारतीय क्रिकेट में अमरनाथ परिवार जाना-पहचाना नाम रहा है.पिता लाला अमरनाथ (Lala Amarnath) ने भारत के लिए न केवल क्रिकेट खेला बल्कि कप्‍तान भी रहे.उनके बाद दो बेटों-सुरिंदर और मोहिंदर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में देश का प्रतिनिधित्‍व किया. यहीं नहीं, सुरिंदर और मोहिंदर के छोटे भाई राजिंदर भी फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट खेल चुके हैं. मुंहफट स्‍वभाव के ‘लालाजी’ ने देश की आजादी के पहले वर्ष 1933 में इंग्‍लैंड के खिलाफ टेस्‍ट करियर शुरू किया और आजादी के पांच साल बाद दिसंबर 1952 में पाकिस्‍तान के खिलाफ आखिरी टेस्‍ट खेला.हालांकि 19 वर्ष की लंबी अवधि में वे 24 टेस्‍ट ही खेल सके. टेस्‍ट क्रिकेट में 24.38 के औसत से 878 रन बनाने के अलावा 32.91 के औसत से 45 विकेट उन्‍होंने लिए.

लाला के बड़े बेटे सुरिंदर (Surinder Amarnath) ने 1976 में न्‍यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में इंटरनेशनल करियर का आगाज किया और पहले ही टेस्‍ट में शतक जमाने वाले बैटर के खास क्‍लब में स्‍थान बनाया.मजे की बात यह है कि सुरिंदर से पहले उनके पिता लाला भी अपने डेब्‍यू टेस्‍ट में शतक जड़ चुके हैं.बाएं हाथ के स्‍टाइलिश खिलाड़ी सुरिंदर को उनके समय के देश के बेहतरीन बैटरों में गिना जाता था, दुर्भाग्‍यवश उनका इंटरनेशनल करियर लंबा नहीं चला.सुरिंदर केवल 10 टेस्‍ट और तीन वनडे ही खेल सके. टेस्‍ट में 30.55 के औसत से 550 और वनडे में 33.33 के औसत से 100 रन उन्‍होंने बनाए. सुरिंदर की तुलना में उनके छोटे भाई मोहिंदर (Mohinder Amarnath) का करियर ज्‍यादा लंबा रहा. वर्ल्‍डकप 1983 की वर्ल्‍ड चैंपियन भारतीय टीम के उप कप्‍तान मोहिंदर ने 69 टेस्‍ट और 85 वनडे खेले. टेस्‍ट में 42.50 के औसत से 4378 रन बनाने के अलावा 32 विकेट उन्‍होंने लिए. वनडे में मोहिंदर ने 30.53 के औसत से 1924 रन बनाए और 46 विकेट लिए.

Tags: Roger Binny, Sunil gavaskar

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