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अंतरिम बजट 2024
– फोटो : amarujala.com
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट 1 फरवरी 2024 को लोकसभा में पेश करेंगी। वित्त मंत्री सीतारमण इस बार छठवीं बार बजट पेश करेंगी। हालांकि इस साल आम चुनाव होने हैं इस लिए इस बार वित्त मंत्री की ओर से पेश किया जाने वाला बजट एक अंतरिम बजट होगा। आम चुनावों के बाद जब नई सरकार का गठन होगा, उसके बाद फिर से पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। जानकारों का मानना है कि इस बार के अंतरिम बजट के जरिए सरकार अगले वित्त वर्ष में किए जाने वाले विकास का खाका पेश कर सकती है, ऐसे में देश के हर वर्ग के लोगों को बजट से काफी उम्मीदें हैं। इनमें गरीब, युवा, किसान, महिलाएं, कारोबारी और नौकरीपेशा तबका भी शामिल है।
चुनावी साल में क्या किसानों और महिलाओं के लिए सरकार करेगी बड़ा एलान?
आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इस साल होने वाले आम चुनावों को देखते हुए अंतरिम बजट 2024 किसानों और महिलाओं के लिए बहुत खास हो सकता है। उनके लिए इस बार के बजट में सरकार की ओर से अहम एलान किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं उन अहम बदलावों के बारे में जिनका एलान मोदी सरकार अंतरिम बजट के दौरान कर सकती है।
किसानों के लिए अंतरिम बजट में क्या होगा?
कृषि क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस बार के बजट में सरकार किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी का एलान कर सकती है। किसान सम्मान निधि को वर्तमान के 6000 रुपये से बढ़ाकर 8000 से 9000 तक किया जा सकता है। इस बार के बजट में सरकार नेशनल पेंशन स्कीम यानी एनपीएस को आकर्षक बनाने का एलान कर सकती है। इस बार के अंतरिम बजट में सरकार का फोकस आम लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बढ़ावा देने पर हो सकता है। साल 2024 के अंतरिम बजट में मोदी सरकार किसानों के फसल के साथ-साथ स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजनाओं का भी प्रस्ताव ला सकती है।
महिलाओं को इस बार बजट में क्या मिल सकता है?
इस बार के अंतरिम बजट में महिलाओं के लिए भी बजट का आकार बढ़ाया जा सकता है। पिछले 10 वर्षों में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर बजट खर्ज का दायरा 30% तक बढ़ा है। इस बार के अंतरिम बजट में सरकार डायरेक्ट कैश ट्रांसफर जैसी योजना का एलान कर सकती है। महिलाओं की कौशल विकास योजना का भी एलान किया जा सकता है। संभव है कि महिला किसानों के लिए सम्मान निधि के रूप में सालाना 12 हजार रुपये तक की राशि देने का एलान किया जाए। मनरेगा के लिए महिलाओं को विशेष आरक्षण और अधिक मानदेय देने की भी उम्मीद है। इसके लिए महिलाओं को ब्याज रहित लोन देने का भी प्रस्ताव लाया जा सकता है।
31 जनवरी आर्थिक सर्वेक्षण में गुजरे साल का हिसाब-किताब देगी सरकार
सरकार अंतरिम बजट से पहले 31 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर सकती है। इस बार संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा और 9 फरवरी तक चलेगा। 31 जनवरी को राष्ट्रपति का अभिभाषण होना है। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति के संबोधन के बाद इसी दिन आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट भी पेश किया जाएगा। आर्थिक सर्वे सरकार का वह लेखा-जोखा होता है जिसमें देश के पिछले एक साल के हिसाब-किताब के आधार पर अगले साल का बजट तैयार करने की रूपरेखा बनाई जाती है।
आर्थिक सर्वे से पता चलेगा आने वाले साल में क्या होगा महंगा, क्या सस्ता
आर्थिक सर्वे से यह पता चलता है कि पिछले एक साल से अंदर देश की अर्थव्यवस्था ने कैसा प्रदर्शन किया। आर्थिक मोर्चों पर नफा या नुकसान हुआ इसका पता भी आर्थिक सर्वेक्षण से ही चलता है। इसी सर्वे के आधार पर यह तय किया जाता है कि आने वाले साल में देश की अर्थव्यवस्था में क्या-क्या बदलाव किए जा सकते हैं। आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के आधार पर यह पता लगाया जाता है आने वाले वित्तीय वर्ष में क्या महंगा या फिर क्या सस्ता हो सकता है।
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