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लुईस खुर्शीद
– फोटो : अमर उजाला
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी व पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिव्यांग उपकरण घोटाले के मामले में कोर्ट के बुलाने के बावजूद वह लगातार गैरहाजिर चल रही हैं। अब उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया है।
यह था मामला
वर्ष 2010 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने दिव्यांगों को उपकरण बांटने के लिए फर्रुखाबाद के कायमगंज की पूर्व विधायक लुईस खुर्शीद की देखरेख में संचालित डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट फर्रुखाबाद को 71 लाख रुपये का अनुदान दिया था। सभी जिलों में कैंप लगाकर दिव्यांगों को निशुल्क उपकरण वितरित कर टेस्ट चेक रिपोर्ट भी मंत्रालय को भेजी जानी थी।
ट्रस्ट के लोगों ने बरेली के भोजीपुरा में कैंप लगाकर 21 दिव्यांगों को उपकरण वितरित करने की टेस्ट रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी थी। मंत्रालय ने जांच कराई तो पता चला कि भोजीपुरा में कैंप ही नहीं लगाया गया था। टेस्ट रिपोर्ट पर जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, खंड विकास अधिकारी भोजीपुरा के फर्जी हस्ताक्षर कर जाली मुहर लगाई गई थी। दूसरे जिलों में भी मामले दर्ज किए गए थे। आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन लखनऊ के निरीक्षक ने भोजीपुरा थाने में 2017 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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