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ताइवान, चीन, अमेरिका।
– फोटो : Amar Ujala
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ताइवान में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ गए हैं, जिस पर चीन ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ताइवान में हो रहे किसी भी बदलाव से चीन की स्थिति में को बदलाव नहीं आएगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि ताइवान में कोई भी बदलाव आए लेकिन इससे यह तथ्य तो नहीं बदल सकता कि दुनिया में सिर्फ चीन ही है और ताइवान चीन का ही एक हिस्सा है।
चीनी प्रवक्ता ने आगे कहा कि हमारा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक चीन के सिद्धांत को समझेगा और इसके प्रति गंभीर रहेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह भी समझेगा कि आखिर क्यों चीन के नागरिक ताइवान की स्वतंत्रता का विरोध करते हैं। बता दें, साल 2023 के अंत में ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा था कि ताइवान को चीन के साथ फिर से एकीकृत किया जाएगा। जिनपिंग कई मौकों पर यह स्पष्ट कर चुके हैं कि ताइवान चीन का ही एक हिस्सा है। आवश्यकता पड़ने पर चीन बल का इस्तेमाल करके दोबारा ताइवान को अपने साथ कर लेगा। हमारी मातृभूमि एक बार फिर से एकजुट होगी।
ताइवान ने नवनियुक्त राष्ट्रपति बोले- चीन की धमकियों से देश को बचाना मेरा काम
वहीं, ताइवान के संसदीय और राष्ट्रपति चुनावों में जीत दर्ज करने वाले नेता लाई चिंग-ते ने शनिवार को मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम अपने देश को चीन की धमकियों से बचाने के लिए काम करेंगे। मैं अपनी लोकतांत्रिक और स्वतंत्र संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, संतुलित काम करूंगा। हम चीन के खिलाफ अपने देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीन भविष्य में अपनी नई स्थिति को जान जाएगा। चीन को समझना होगा कि अब शांति से ही बात करने में लाभ है। धमकियों से कुछ नहीं होगा।
अमेरिका ने ताइवान के क्रॉस-स्ट्रेट शांति बनाए रखने के लिए समर्थन की पुष्टि की
संयुक्त राज्य अमेरिका और ताइवान मित्र देश हैं। ताइवान के चुनावों में जीत दर्ज करने वाले नवनिर्वाचित राष्ट्रपति लाई चिंग-ते को अमेरिका ने बधाई दी है। अमेरिका का कहना है कि हम ताइवान के साथ मिलकर काम करेंगे और ताइवान का सहयोग करेंगे। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका चिंग-ते को राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत के लिए बधाई देता है। हम ताइवान के लोगों को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन के लिए बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका शांति और स्थिरता बनाए रखने का पक्षधर है। इसी के साथ अमेरिका चीन के साथ मतभेदों के शांतिपूर्ण समझौते के लिए भी प्रतिबद्ध है।
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