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India-Maldives Conflict: मालदीव और भारत के रिश्तों में सुधार की गुंजाइश अभी हाल-फिलहाल में तो नहीं दिख रही. मोहम्मद मुइज्जू की सत्ता आने के बाद से मालदीव लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी कर रहा है. मुइज्जू चाहते हैं कि भारत, मालदीव में तैनात अपनी सेना को वापस बुला ले. इस मसले को सुलझाने के लिए भारतीय अधिकारी माले पहुंचे हैं. मालदीव-भारत के अधिकारियों की बातचीत के बाद ही फैसला हो पाएगा की इंडियन आर्मी लौटेगी या वहीं डटी रहेगी.
भारत-मालदीव के बीच वार्ता
मालदीव की मीडिया ने रविवार को बताया कि मालदीव में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने माले में विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की. इसमें कहा गया है कि मालदीव और भारत ने मालदीव में तैनात भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी को लेकर आधिकारिक बातचीत शुरू कर दी है. हालांकि, विदेश मंत्रालय ने अब तक कथित बैठक पर कोई बयान जारी नहीं किया है.
मुइज्जू के मंत्री ने कहा..
मालदीव द्वारा भारतीय सैनिकों को हटाये जाने की मांग करने के लगभग दो महीने बाद यह वार्ता शुरू हुई. ‘सनऑनलाइन’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत माले स्थित मालदीव के विदेश मंत्रालय के मुख्यालय में शुरू हुई. राष्ट्रपति के रणनीतिक संचार कार्यालय के मंत्री इब्राहिम खलील ने अखबार को बताया कि यह बैठक उच्च स्तरीय कोर समूह के स्तर की थी.
दुबई में पीएम मोदी की मुइज्जू से हुई थी बात
उन्होंने कहा कि दिसंबर में दुबई में आयोजित सीओपी28 सम्मेलन के मौके पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई बैठक के दौरान मालदीव और भारत ने इस कोर समूह को गठित करने पर सहमति जतायी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, खलील ने कहा कि समूह भारतीय सैन्यकर्मियों की वापसी और मालदीव में भारत समर्थित विकास परियोजनाओं में तेजी लाने पर चर्चा कर रहा है.
मालदीव में 77 भारतीय सैनिक
पिछले साल 17 नवंबर को मालदीव के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद मुइज्जू ने औपचारिक रूप से भारत से भारतीय सैन्यकर्मियों को मालदीव से वापस बुलाने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि मालदीव के लोगों ने उन्हें नई दिल्ली से यह अनुरोध करने के लिए ‘मजबूत जनादेश’ दिया है. खलील ने इसके पहले कहा था कि राष्ट्रपति मुइज्जू के नेतृत्व वाले नए मालदीव प्रशासन ने स्थापित किया है कि मालदीव में 77 भारतीय सैन्यकर्मी हैं.
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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