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Makar Sankranti Live: मकर संक्रांति पर क्या करना शुभ, जानिए उपाय और दान-स्नान का महत्व

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Makar Sankranti Live: मकर संक्रांति पर क्या करना शुभ, जानिए उपाय और दान-स्नान का महत्व

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09:13 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति पर क्या करना शुभ

  • मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करना चाहिए।
  • मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव को जल जरूर अर्पित करें।
  • मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ से बनी चीजों को दान और इसका सेवन करें।
  • इस दिन खिचड़ी जरूर खानी चाहिए।
  • मकर संक्रांति पर भगवान सूर्यदेव के साथ वेद-पुराण का पाठ करना शुभ।
  • गायों को चारा खिलाएं।

09:08 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति के साथ आज उत्तरायण पर्व भी

आज यानी 15 जनवरी को पूरे देशभर में मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं जोकि शनिदेव की राशि है। सूर्य के मकर राशि में आने से दक्षिणायन खत्म होता है और उत्तरायण आरंभ हो जाता है, इसलिए इसे उत्तराणय पर्व भी कहते हैं। सूर्य 6 महीने दक्षिणायन और 6 महीने उत्तरायण रहते हैं। शास्त्रों में सूर्य के उत्तरायण को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात माना जाता है। उत्तरायण से रातें छोटी होने लगती है और दिन बड़े होने लगते हैं। सूर्य के उत्तरायण होने पर सभी तरह के मांगलिक काम फिर से शुरू हो जाते हैं।

08:55 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की आराधना का विशेष महत्व होता है। इस दिन सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं और सभी तरह के शुभ कार्य दोबारा से आरंभ हो जाते हैं। मकर संक्रांति पर स्नान करने और दान का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति के दिन सुबह जल्दी उठकर अपने घर के पास स्थित किसी पवित्र नदी में स्नान करें। वहीं अगर पवित्र नदी में स्नान करना संभव न होता तो घर में नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदे और काला तिल डालकर स्नान कर लें। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, अक्षत, गंगाजल की कुछ बूंदे, सिंदूर और लाल फूल डालकर भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य दें। भगवान सूर्यदेव को जल अर्पित करते समय ऊं सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें। फिर इसके बाद सूर्य चालीसा और आदित्य ह्रदय स्त्रोत का पाठ करें।

08:47 AM, 15-Jan-2024

Makar Sankranti 2024 Ganga Snan Significance: मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का महत्व 

मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दिन सभी पवित्र नदियों और तीर्थस्थल पर भारी भीड़ होती है। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करने के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित किया जाता है फिर गरीबों को दान करने की परंपरा होती है। अगर किसी कारण आप मकर संक्रांति पर गंगा स्नान नहीं कर पाते हैं तो इस दिन सुबह स्नान करते समय पानी में काला तिल और गंगाजल की कुछ बूंदे जरूर डालें।

 

08:42 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति पर दान का महत्व 

मकर संक्रांति दान का विशेष महत्व बताया गया है। मकर संक्रांति पर सूर्य देव अपने पुत्र शनिदेव के घर आते हैं। ज्योतिष मान्यता के अनुसार भी संक्रांति के दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस मिलता है साथ ही इससे ग्रहदशा भी सुधरती है। संक्रांति के दिन काले तिल, गुड़, कंबल, घी और खिचड़ी का दान जरूर करना चाहिए, इससे आपके जीवन में खुशहाली आती है।

08:37 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति पर करें खिचड़ी का दान

मकर संक्रांति को खिचड़ी के नाम से उत्तर भारत के कुछ हिस्सो में मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने और खिचड़ी की सामग्री को दान करने का विशेष महत्व होता है। खिचड़ी के दान करने से कुंडली में जो भी ग्रह कमजोर होता है वह मजबूत हो जाता है। जो लोग मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान करते हैं उनके घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं रहती है।

08:21 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति पर घी दान का महत्व 

मकर संक्रांति पर घी का दान करना बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है। ज्योतिषशास्त्र में घी का संबंध सूर्य और गुरु ग्रह से होता है। मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की पूजा के बाद घी का दान अवश्य करना चाहिए इससे कुंडली में सूर्य और गुरु दोनों ही ग्रह मजबूत होंगे। सूर्य-गुरु के मजबूत होने पर जीवन में हर एक तरह की सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

08:14 AM, 15-Jan-2024

Makar Sankranti 2024: मकर संक्रांति पर कंबल दान का महत्व

मकर संक्रांति पर तिल के दान के अलावा कंबल के दान का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन गरीबों को कंबल का दान करना चाहिए। मान्यता है कि कंबल का दान करने से व्यक्ति कि कुंडली से राहु का अशुभ प्रभाव दूर हो जाता है।

08:06 AM, 15-Jan-2024

Makar Sankranti 2024 Significance:मकर संक्रांति का महत्व

मकर संक्रांति पर सूर्यदेव धनु राशि की यात्रा का विराम देते हुए मकर राशि में प्रवेश करते हैं और इसी के साथ सूर्य देव की उत्तरायण यात्रा भी आरंभ हो जाती है। उत्तरायण देवताओं का दिन माना जाता है। सूर्यदेव के उत्तरायण होने के साथ खरमास खत्म हो जाता है और सभी तरह के शुभ-मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान, दान और सूर्य आराधना का विशेष महत्व होता है। देशभर में मकर संक्रांति के त्योहार को अलग-अलग नामों से जाना और मनाया जाता है। 

पंजाब में मकर संक्रांति को माघी संक्रांति के नाम से मनाया जाता है। तमिलनाडु में पोंगल, पश्चिम बंगाल में गंगासागर में बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है। मान्यता है कि इस दिन ही यशोदा जी ने श्रीकृष्ण की प्राप्ति के लिए व्रत रखा था। साथ ही इसी दिन मां गंगा भगीरथ के पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुए गंगा सागर में जाकर मिली थीं। केरल में मकर विलक्कू नाम से मनाया जाता है। गुजरात में उत्तराणय पर्व और उत्तर भारत में खिचड़ी के रूप में इस पर्व को मनाया जाता है। 

07:54 AM, 15-Jan-2024

Makar Sankranti Daan Importance: मकर संक्रांति पर तिल के दान का महत्व

मकर संक्रांति के त्योहार के अवसर पर तिल के दान का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति पर तिल का दान करने से कुंडली में शनि मजबूत होते हैं। इसके अलावा मकर संक्रांति पर तिल से बनी चीजों का सेवन करने और तीर्थ स्थानों व मंदिरों में दान करना चाहिए।

 

07:46 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति का ज्योतिषीय महत्व

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का काफी महत्व होता है। वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति पर सूर्य देव अपने पुत्र शनिदेव से मिलने के लिए स्वयं उनके घर जाते हैं। आपको बता दें कि सूर्यदेव हर एक माह में राशि बदलते हैं। सूर्य के राशि बदलने को ही संक्रांति कहते हैं। मकर राशि के स्वामी शनिदेव होते हैं। इस कारण से इसे मकर संक्रांति कहते हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य और शनिदेव की आराधना करने से पर जीवन से सभी तरह के कष्ट दूर हो जाते हैं। 

 

07:39 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्राति पर दान का महत्व 

मकर संक्रांति पर सुबह गंगा स्नान, फिर सूर्यदेव को अर्घ्य देना और फिर इसके बाद गरीबों को कंबल, गुड़, तिल,चावल और खिचड़ी का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। 

07:34 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति पर वारियान और रवि योग का संयोग

इस बार मकर संक्रांति पर बहुत ही अच्छा शुभ संयोग बना हुआ है। वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक आज मकर संक्रांति पर रवि और वारियान योग बना हुआ है। इस योग में गंगा स्नान और दान करने पर सौभाग्य की प्राप्ति होती है। 

07:31 AM, 15-Jan-2024

क्या है मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व 

आज देशभर में मकर संक्रांति के त्योहार को बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। दरअसल मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं। शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भागीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा उनसे मिली थीं। महाभारत काल के महान योद्धा भीष्म पितामह ने भी अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का ही चयन किया था। उत्तर भारत में इसे खिचड़ी आदि खाकर मनाया जाता है जबकि गुजरात में यह पर्व पतंगोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाई जाती है। विशेष रूप से गुड़ और घी के साथ खिचड़ी खाने का महत्व है। इसी कारण उत्तर भारत में इस पर्व को ‘खिचड़ी ‘के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा तिल और गुड़ का भी मकर संक्राति पर बेहद महत्व है।मकर संक्रांति पर दान का बहुत महत्व है। विशेषकर इस दिन तिल, खिचड़ी, गुड़ एवं कंबल दान करने का महत्व है। 

07:25 AM, 15-Jan-2024

मकर संक्रांति शुभ तिथि 2024

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति के त्योहार का विशेष महत्व होता है। आज सुबह तड़के सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं। सूर्यदेव एक महीने तक मकर राशि में रहेंगे। सूर्य के मकर राशि में आने से पिछले एक महीने से चला आ रहा खरमास अब खत्म हो गया है। खरमास के खत्म होते ही सभी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य अब फिर से शुरू होंगे।

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